देश में पहली बार आयोजित होने जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2025-26 में बिहार के अनुसूचित जनजाति समुदाय के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ में संभवतः 14 फरवरी से शुरू होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिय
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि राज्य स्तर पर खिलाड़ियों का चयन ट्रायल 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि यह प्रतियोगिता केंद्र सरकार की ओर से पहली बार आयोजित की जा रही है, इसलिए चयन प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से अलग होगी।
शंकरण के अनुसार, इस बार किसी खेल संघ या स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों का चयन नहीं होगा। पहले चरण में राज्य स्तर पर खिलाड़ियों का चयन कर 15 जनवरी तक उनका ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बाद दूसरे चरण में राष्ट्रीय खेल महासंघों के माध्यम से अंतिम चयन किया जाएगा, जिसके बाद ही खिलाड़ी खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भाग ले सकेंगे।
सात खेलों में मिलेगा मौका
इस प्रतियोगिता में सात प्रमुख खेल विधाओं को शामिल किया गया है — तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती। महिला और पुरुष दोनों वर्गों के लिए खुली यह चैंपियनशिप आयु वर्ग की बाध्यता से मुक्त है, जो इसे और अधिक समावेशी बनाती है।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के पास अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र और बिहार का अधिवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के बिना कोई भी खिलाड़ी चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेगा।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक ने राज्य के समस्त जिला खेल संघों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने जिलों में अधिक से अधिक अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों तक इस सुनहरे अवसर की जानकारी पहुंचाएं। उनका मानना है कि व्यापक प्रचार-प्रसार से ही राज्य की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को सामने लाया जा सकेगा और बिहार एक मजबूत टीम के साथ राष्ट्रीय मंच पर अपना प्रतिनिधित्व कर सकेगा।
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