Bakri Palan Yojana: बकरी पालन योजना में आवेदक को पहले अपनी ओर से 10 फीसदी राशि जमा करनी होती है. इसके बाद करीब 90 फीसदी राशि बैंक की ओर से लोन के तौर पर दी जाती है. सब्सिडी की रकम दो चरणों में दी जाती है.
खरगोन के पशु चिकित्सालय में पदस्थ पशु चिकित्सा सहायक सर्जन डॉ बीएस पटेल ने लोकल 18 को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और पशुपालकों की आय में इजाफा करना है. इस योजना में 20 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट बनाया जा सकता है. इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाता है. उदाहरण के तौर पर अगर कोई पशुपालक 50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट बनाता है, तो उसे करीब 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.
बड़े स्तर पर शुरू कर सकते हैं बकरी फार्म
डॉ पटेल के अनुसार, इस योजना के तहत बड़े स्तर पर बकरी फार्म भी शुरू किया जा सकता है. एक बड़े प्रोजेक्ट में करीब 500 बकरी और 25 बकरे शामिल किए जाते हैं. इससे पशुपालक दूध, बच्चे और मांस के जरिए अच्छी कमाई कर सकते हैं. वहीं 10 लाख रुपये के छोटे प्रोजेक्ट के लिए 100 बकरी और पांच बकरों से भी शुरू कर सकते हैं. हालांकि योजना की खास बात यह है कि इसमें फार्म के सभी पशुओं का बीमा कराया जाता है. अगर किसी कारण से पशु की मौत हो जाती है, तो बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई करती है. इसके अलावा पशुपालन विभाग की ओर से बकरी पालन की ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे नए पशुपालकों को काम समझने में आसानी होती है.
ऐसे मिलता है लोन और सब्सिडी
बकरी पालन योजना में आवेदक को पहले अपनी ओर से 10 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है. इसके बाद करीब 90 प्रतिशत राशि बैंक की ओर से लोन के रूप में दी जाती है. सब्सिडी की राशि दो चरणों में दी जाती है. पहली किस्त योजना के बीच में और दूसरी किस्त योजना पूरी होने के बाद मिलती है. इससे पशुपालक को फार्म तैयार करने और व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलती है.
जमीन और अनुभव होना जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं. बकरी फार्म स्थापित करने के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन होना जरूरी है. यह जमीन खुद की भी हो सकती है और पट्टे पर भी ली जा सकती है लेकिन इसके दस्तावेज देना जरूरी है. इसके अलावा आवेदक की उम्र 18 से 65 साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही बकरी पालन या कृषि से जुड़ा अनुभव होना भी जरूरी है ताकि फार्म को सही तरीके से चलाया जा सके. योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र या पट्टा पत्र, बैंक खाते की जानकारी और बकरी पालन से जुड़ा प्रशिक्षण या अनुभव प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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