खरगोन मंडी में डॉलर चना के कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार दोपहर प्रदर्शन किया। नीलामी में डॉलर चना की अधिकतम बोली 7,000 रुपए प्रति क्विंटल लगने पर किसान भड़क गए। उन्होंने इसे कम बताते हुए कारण पूछा, जिस पर व्यापारियों ने ईरान-इजरायल युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। किसानों ने इस जवाब से असंतोष जताते हुए मंडी में खरीदी रोक दी। लगभग 150 से अधिक किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड पहुंचकर सड़क पर ट्रैक्टर अड़ा दिए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारी युद्ध को कम भाव का कारण बता रहे
जामनिया के किसान देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें 6-7 हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि उन्हें 10 से 12 हजार रुपए का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी युद्ध को कम भाव का कारण बता रहे हैं, लेकिन युद्ध तो कल से शुरू हुआ है, जबकि व्यापारी पिछले पांच दिनों से कम भाव दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की सुनवाई न होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। लगभग 45 मिनट तक चले इस हंगामे के कारण इंदौर रोड पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। यातायात पुलिस ने व्यवस्था बहाल की। 3 और 4 मार्च की छुट्टी घोषित
सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद मंडी में 650 से अधिक वाहनों में डॉलर चना पहुंचा था, जो इस सीजन की सबसे अधिक आवक रही। खरगोन मंडी में डॉलर चने की खरीदी 20 फरवरी से चल रही है। धामनोद और सनावद मंडियों में भी भाव को लेकर किसान संघ असंतोष जता चुके हैं। मंडी प्रशासन ने होली के मद्देनजर 3 और 4 मार्च की छुट्टी घोषित की है। व्यापारियों ने भी होली पर्व के कारण 7 मार्च तक नीलामी में भाग न ले पाने का आवेदन दिया है। इस प्रकार, अब मंडी 9 मार्च को खुलेगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.