Vibhuji Maharaj ki Kahani: खंडवा के विभुजी महाराज ने 65 हजार रुपये महीना की नौकरी छोड़कर खुद को पूरी तरह महादेव की भक्ति में समर्पित कर दिया. उन्होंने पूरे भारत में 51 हजार शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प लिया है, जिनमें से 21 हजार से अधिक स्थापित कर चुके हैं. निमाड़ क्षेत्र से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अभियान अब देशभर में फैल चुका है. नर्मदा परिक्रमा और नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापना से उनका विशेष जुड़ाव है. जानिए कैसे एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल संत बनकर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बन गया.
गांव से कॉर्पोरेट तक… फिर सन्यास
छेगांव माखन क्षेत्र के भटलेन गांव में जन्मे विभुजी ने पढ़ाई पूरी कर नौकरी शुरू की. परिवार खुश था, भविष्य सुरक्षित था. लेकिन साल 2013 में उन्होंने अचानक नौकरी छोड़ दी. एक तरफ पैसा, आराम और स्थिरता थी… दूसरी तरफ अनजाना आध्यात्मिक रास्ता. उन्होंने महादेव को चुना.
51 हजार शिवलिंग का संकल्प
विभुजी महाराज ने पूरे भारत में 51 हजार शिवलिंग स्थापित करने का संकल्प लिया. अब तक वे 21 हजार से अधिक शिवलिंग स्थापित कर चुके हैं. वे गांव-गांव जाकर लोगों को शिवभक्ति से जोड़ रहे हैं. नर्मदा नदी से उनका विशेष लगाव है. वे नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं और नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापना कर चुके हैं.
हजारों लोग जुड़ चुके हैं मिशन से
आज उनके इस अभियान से हजारों भक्त जुड़े हैं. उनके शिष्य देशभर में सक्रिय हैं. युवाओं को वे समझाते हैं कि जीवन का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सेवा भी है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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