मेरी बहन के साथ होली खेलने घर में घुस आया था। उसके दो साथी बाहर खड़े थे। उसी समय हम लोग घर पहुंच गए। बहन के साथ जबरदस्ती करते हुए देखा तो गुस्से में होश खो बैठा। हमने वहीं तय कर लिया कि आज इनका काम तमाम कर देंगे। लोगों की मदद से तीनों को पकड़ लिया और उन्हें धार किनारे ले जाकर गोली मार दी, लेकिन एक बचकर भाग गया। भागलपुर के नवगछिया इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी नीतीश कुमार ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। दरअसल, खगड़िया के परबत्ता का रहने वाला अंजेश अपने दो दोस्तों (गुलशन और नीरज) के साथ होली की शाम गर्लफ्रेंड से मिलने भागलपुर के नवगछिया गया था। जहां लड़की के परिवार वालों ने तीनों को पकड़कर पिटाई की फिर उन फायरिंग कर दी, जिसमें गुलशन और नीरज की मौत हो गई। जबकि अंजेश घायल अवस्था में ही वहां से भाग निकला। अंजेश फिलहाल पटना पीएमसीएच में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर है। नवगछिया के पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच टीम बनाई गई है। 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पहले घटना की 2 तस्वीरें… अब पूरा मामला पढ़िए
होली के दिन खगड़िया के पसराहा थाना क्षेत्र के भोरकाठ गांव निवासी गुलशन कुमार (20) अपनी पत्नी को ससुराल छोड़ने के लिए भागलपुर के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के मोरकहिया गांव गया था। इस दौरान उसके साथ उसके दो दोस्त नीरज कुमार (21) और अंजेश कुमार भी थे। पत्नी को ससुराल छोड़ने के बाद तीनों युवक बोड़वा गांव स्थित अपने मौसिया ससुराल चले गए। बुधवार शाम करीब चार बजे वे वहां से अपने गांव लौटने के लिए निकले, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। जब काफी देर तक तीनों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी और उनकी तलाश शुरू कर दी गई। गुरुवार सुबह कलबलिया धार के पास सड़क किनारे दो युवकों के शव बरामद हुए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि अंजेश कुमार का नवगछिया इलाके की एक युवती से काफी समय से प्रेम संबंध चल रहा था। बताया गया कि दोनों की पहचान अंजेश के दोस्त नीरज के जरिए हुई थी और धीरे-धीरे बातचीत मुलाकातों में बदल गई। युवती का ससुराल नीरज कुमार के इलाके में पड़ता है। इसी वजह से अंजेश और नीरज का उस इलाके में अक्सर आना-जाना होता था और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध गहरा हो गया। घर के बाहर नजर रख रहे थे दो दोस्त
होली की शाम अंजेश अपने दो दोस्तों गुलशन कुमार और नीरज कुमार के साथ युवती से मिलने उसके घर पहुंचा। उस समय अंजेश चुपचाप घर के अंदर जाकर अपनी प्रेमिका से मिल रहा था, जबकि उसके दोनों दोस्त बाहर खड़े होकर आसपास नजर रख रहे थे, ताकि किसी को इसकी जानकारी न हो सके। इसी बीच युवती के परिजनों को घर में किसी के होने की भनक लग गई। जब वे घर के अंदर पहुंचे तो दोनों को एक साथ देख लिया। इसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और घर में हंगामा शुरू हो गया। अंजेश की हालत गंभीर, PMCH में भर्ती
कुछ ही देर में आसपास के कई लोग भी वहां जुट गए। इसके बाद तीनों युवकों को पकड़कर घर से दूर कलबलिया धार की ओर ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद उनके साथ मारपीट की गई और फिर फायरिंग की गई। इस घटना में गुलशन कुमार और नीरज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अंजेश को बाद में इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। युवती का भाई बोला- गुस्से में होश खो बैठा
होली के दिन घर के सभी लोग बाहर गए थे। घर में बहन अकेली थी। जब हम सभी वापस लौटे तो देखा कि एक लड़का मेरी बहन के साथ कमरे में था और उसके दो दोस्त बाहर खड़े थे। यह देखकर हम सबका गुस्सा फूट पड़ा। उसी समय हमने तीनों को पकड़ लिया। घर में काफी हंगामा हुआ और फिर तय किया कि इन्हें यहां से दूर ले जाकर बात करेंगे। हम लोग तीनों को पकड़कर कलबलिया धार की तरफ ले गए। वहां पहुंचने के बाद उनके साथ बहस शुरू हो गई। गुस्से में हम लोग उन्हें मारने-पीटने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में हम होश खो बैठे और हमने फायरिंग कर दी। इसके बाद माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। गोली लगते ही तीनों लड़के वहीं गिर पड़े। उस समय हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया है। हम सब घबरा गए थे। हमें लगा कि अगर यह बात सामने आ गई तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी। इसी डर से हमने शवों को उठाकर नदी किनारे फेंक दिया और वहां से जल्दी-जल्दी भाग निकले। उस समय हमें लगा था कि तीनों की मौत हो गई होगी। लेकिन बाद में पता चला कि एक लड़का जिंदा बच गया। गोली लगने के बावजूद वह किसी तरह वहां से निकलकर तेतरी मंदिर के पास पहुंच गया और लोगों से मदद मांगी। वहीं से पूरे मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई। डॉक्टर के पास जा रहा हूं, कहकर निकला था पति
गुलशन कुमार की पत्नी किरण देवी ने बताया कि होली खेलने के बाद शाम करीब चार बजे उनके पति घर जाने के लिए तैयार हो रहे थे। उन्होंने और परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें रुकने के लिए कहा था, लेकिन गुलशन ने बताया कि उन्हें डॉक्टर के पास जाना है। इसी दौरान उनके दोनों दोस्त वहां पहुंचे और उन्हें अपने साथ गाड़ी पर बैठाकर ले गए। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें बाद में मिली। किरण देवी ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह उनके पति से आखिरी मुलाकात होगी। उन्होंने बताया कि शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था और उनका छोटा बच्चा अभी दो महीने का है। पहले अजेश को गोली मारी, फिर मेरे बेटे को पीटा
मृतक गुलशन कुमार की मां जानकी देवी ने बताया कि सबसे पहले अजेश कुमार को गोली मारी गई थी। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर गया और शांत पड़ा रहा। आरोपियों को लगा कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद उन्होंने गुलशन और नीरज को पकड़ लिया। दोनों को पहले लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया और फिर गोली मार दी गई। मेरा बेटा बेटा होली के दिन खुशियों के साथ घर से निकला था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वह कभी वापस नहीं लौटेगा। उसकी (गुलशन) शादी पिछले साल ही हुई थी और उसका दो महीने का एक मासूम बेटा भी ह SIT जांच कर रही, 5 गिरफ्तारियां हुई
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी नीतीश और अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा लड़की के मामा देव मंडल और परिवार की एक महिला सदस्य संजू देवी को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। नवगछिया के एसपी प्रेरणा कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को इस वारदात की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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