दरभंगा के केवटी स्थित विवाह मंडप में केवटी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज केंद्रीय बजट सत्र का लाइव टेलीकास्ट देखा। इस दौरान केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा सहित पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, किसान, व्यापारी और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से प्रस्तुत बजट भाषण को केवटी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, किसानों और व्यापारियों ने मिलकर सुना। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की उन्नति और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों का प्रतीक है। महिलाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान बजट में महिलाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत देश के प्रत्येक जिले में महिला हॉस्टल और ट्रॉमा सेंटर का निर्माण, अस्पतालों के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की योजना शामिल है। किसानों के हित में विशेष रूप से नारियल उत्पादक किसानों के विकास के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। डॉ. झा ने कहा कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल से त्रिपुरा तक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे उत्तर भारत सहित पूरे देश में उद्योगों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले यह दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार देश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में समाज पर पड़ेगा। कार्यक्रम में केवटी भाजपा मंडल अध्यक्ष स्वप्न मिश्रा ने कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग और किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वंचित और कमजोर वर्गों के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा जिला आईटी सेल संयोजक श्रेयस लाल दास ने कहा कि यह बजट युवाओं और किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने बजट को जनहितकारी बताते हुए केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। इधर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत केंद्रीय बजट को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने कड़ी नाराजगी जताई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण ने कहा कि यह बजट एक बार फिर मिथिला क्षेत्र की उपेक्षा का प्रमाण है। शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मूलभूत मुद्दों पर मिथिला को कोई ठोस सौगात नहीं मिली, जिससे मिथिलावासियों में गहरा असंतोष है। मिथिला के लिए किसी विशेष पैकेज की घोषणा नहीं मिथिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र रहा है, लेकिन आज भी यह क्षेत्र पलायन, बेरोजगारी और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। बावजूद इसके बजट में न तो मिथिला के लिए किसी विशेष पैकेज की घोषणा की गई और न ही उच्च शिक्षा, तकनीकी संस्थान, मेडिकल कॉलेज, आईटी हब या उद्योगों की स्थापना को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मिथिला के छात्र वर्षों से बेहतर विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, छात्रावास, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधनों की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में इन मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की विकास नीति में मिथिला को हाशिये पर रखा गया है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.