धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में जहरीली गैस रिसाव का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गैस के प्रभाव से अब तक दो महिलाएं, प्रियंका देवी और ललिता देवी की मौत हो चुकी है। वहीं ग्रामीण एक पुरुष की मौत का भी दावा कर रहे हैं। अचानक बढ़ी इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गुरुवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने धनबाद–रांची मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने टायर जलाकर बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना था कि जब तक सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती और जहरीली गैस के स्रोत को चिह्नित कर बंद नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लगभग चार घंटे बाद अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता होने पर जाम समाप्त हो सका।
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वार्ता में ग्रामीणों ने मृतक परिवार को मुआवजा, गैस रिसाव को रोकने के ठोस उपाय और सुरक्षित पुनर्वास की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि बचाव कार्य धीमा है और उन्हें भरोसा नहीं हो पा रहा है। बीसीसीएल पीबी क्षेत्र के जीएम जी साहा ने स्वीकार किया कि इलाके में गैस रिसाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक टीम स्थिति का अध्ययन कर रही है और मिट्टी भराई सहित अन्य तकनीकी उपाय चल रहे हैं। माइकिंग कर लोगों को घर खाली करने को कहा गया है और अस्थायी रूप से दो टेंट बनाकर लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है।
डीजीएमएस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और गैस को नियंत्रित करने में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इलाके के लोगों की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे गैस रिसाव से बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक खतरा है। इसलिए बीसीसीएल को उन्हें सुरक्षित स्थायी जगह बसाने और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
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