तुम खाना बनाकर तैयार रखो, मैं बस अभी आता हूँ…फिर तुम्हें तुम्हारे मायके घुमाने ले चलूंगा। रविवार की सुबह अपनी पत्नी से ये वादा करके घर से निकले 31 वर्षीय युवक फिर कभी जिंदा वापस नहीं लौटे। कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत की खबर आई, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। घटना रविवार को पूर्णिया जिले के अमौर थाना क्षेत्र की हैं। जहां युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। मृतक की पहचान अमौर थाना क्षेत्र के सेहलो गांव निवासी मो. सक्कुर के पुत्र मो. रब्बान (31 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना के संबंध में मृतक मो. रब्बान की पत्नी साबुत्ता परवीन ने बिलखते हुए बताया कि उनके पति प्रदेश में रहकर रंग-पेंट का काम करते थे और 5 दिन पहले ही घर आए थे। रविवार सुबह 7 बजे वे बहुत खुश थे और पत्नी को मायके (नेहरा) ले जाने की बात कही थी। पत्नी ने बताया उन्होंने कहा था कि खाना बनाकर रखो, हम कुछ ही देर में आते हैं। हमने खाना बना लिया और इंतजार करने लगे। जब 2 घंटे तक वो नहीं आए, तो मैंने उनके नंबर पर फोन किया। फोन किसी अजनबी ने उठाया और कहा कि आपके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई है और पूर्णिया जीएमसीएच में शव रखा है।
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जब परिजन पूर्णिया जीएमसीएच पहुंचे, तो वहां रब्बान का शव पड़ा मिला। पत्नी और अन्य परिजनों का आरोप है कि रब्बान के सिर पर गहरे जख्म के निशान हैं। पत्नी का सीधा आरोप है कि उनके पति की हत्या की गई है और उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की नाकाम कोशिश की जा रही है। रब्बान की मौत के बाद उनकी पत्नी साबुत्ता परवीन अपनी गोद में छोटे बच्चे को लेकर अस्पताल परिसर में ही सुध-बुध खो बैठीं। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें अब यह भी नहीं पता कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।