कवर्धा में आयोजित भोरमदेव महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इस साल व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में 400 से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया है।
महोत्सव स्थल सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति लागू की गई है। अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल, सादे कपड़ों में जवान, महिला पुलिस, यातायात स्टाफ और विशेष टीमों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।
तीन अलग-अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था
महोत्सव स्थल में सुचारु और सुरक्षित आवागमन के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं।
- सामान्य श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश
- मंचीय अतिथियों और कलाकारों के लिए पृथक मार्ग
- वीआईपी और मीडिया के लिए अलग पार्किंग व प्रवेश व्यवस्था
इस व्यवस्था से भीड़ का दबाव नियंत्रित रहेगा और आवागमन व्यवस्थित रहेगा।
ड्रोन और CCTV से निगरानी
पूरे मेला परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों और CCTV के माध्यम से लगातार की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय है।
असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपद्रव, चोरी, छेड़छाड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
महोत्सव में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि शांति और अनुशासन बनाए रखें, पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस अधिकारी या कंट्रोल रूम को दें।
सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन पर जोर
प्रशासन का लक्ष्य महोत्सव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न कराना है, ताकि आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत हो सके।
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