Varanasi News: बीएचयू के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में बृहस्पतिवार को काशी तमिल संगमम 4.0 के एकेडमिक कार्यक्रम में तमिल कलाकारों और पेशेवरों के प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बीच संवाद हुआ। मंत्री ने कहा, कौन बनारस आना नहीं चाहता। यहां एक प्राकृतिक चुंबकीय आकर्षण है, जो लोगों को अपनी ओर खींचता है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि इस दुनिया में परिवर्तन की गति तेज हो गई है। किसी भी परिस्थिति को बदलने में अब बरसों नहीं लग रहे। इसलिए बीएचयू जैसे संस्थान देश में नवाचार, पेटेंट और यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने लखनऊ में बच्चों से बातचीत का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह यह देखकर आश्चर्यचकित थे कि अधिकांश बच्चे तीन भाषाएं जानते थे। उन्होंने कहा कि खुशी है कि आज के बच्चे वैश्विक दृष्टिकोण रखते हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे एक अंतरराष्ट्रीय भाषा जरूर सीखें।
बृहस्पतिवार को सभागार में “काशी और कांचीपुरम के बीच संवाद और पवित्र सूत्र” थीम पर बात करते हुए मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भले ही हम कई भाषाएं बोलते हों और हमारे विचार अलग हों, लेकिन हमारा मूल्य साझा है। ये आयोजन हमें गहराई से जोड़ते हैं। भाषा कोई बाधा नहीं, बल्कि एक पुल है। काशी और तमिलनाडु एक ही परिवार हैं। आईएमएस-बीएचयू के कॉलेज ऑफ नर्सिंग प्रो. शिवशंकरी उनके संबोधन का तमिल अनुवाद प्रस्तुत किया।
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