गांव में शुभम की हत्या को लेकर जानकारी देने वाले ईनाम को लेकर पोस्टर लगाते परिजन।
करनाल जिला के घरौंडा थाना क्षेत्र में चौरा गांव के शुभम हत्याकांड मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच अंबाला को अब आरोपियों की एलवीए रिपोर्ट का इंतजार है। एलवीए यानी लायर्ड वॉइस अनालिसिस टेस्ट होता है, जो नार्को टेस्ट के ही समान है। एससीबी अधिकारियों की मा
यही नहीं, पुलिस ने शुभम की कक्षा के 5 संदिग्ध छात्रों के भी पोलीग्राफ टेस्ट करवाए। इसके साथ ही शुभम हत्याकांड में संलिप्त अभियुक्तों की जानकारी देने वालों के लिए भी एससीबी ने 20 हजार रुपए का ईनाम रखा है, ताकि मामले को सुलझाने में कुछ मदद मिल सके।
मृतक शुभम की फोटो लेकर जिला सचिवालय में प्रदर्शन करती मां बाली देवी।
पहले जानिये शुभम हत्याकांड का पूरा मामला…
करनाल जिले के घरौंडा थाना क्षेत्र के चौरा खालसा गांव में हुई 16 वर्षीय छात्र शुभम की हत्या हुई। शुभम परिवार का इकलौता बेटा था। 29 जून 2025 की रात को वह गांव की डेयरी दूध लेने गया। लगभग 8:30 बजे निकला, लेकिन रात 11 बजे तक घर न लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। ग्रामीणों ने उसकी मां बाली देवी को फोन किया कि शुभम एक सुनसान गली में पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर मां ने देखा कि बेटे का शव गले पर चोटों के निशानों के साथ पड़ा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हत्या गला दबाकर की गई, और शरीर पर कई जगह (गर्दन, निजी अंगों सहित) चोटें थीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह 5-6 लोगों द्वारा संयुक्त हमले का संकेत देता है।

गांव में ईनाम का पोस्टर लगाते परिजन।
मां का आरोप: प्री-प्लानिंग की गई हत्या
मां बाली देवी का दावा है कि यह प्री-प्लान हत्या थी, क्योंकि आरोपी पहले से धमकी दे रहे थे। एक साल पहले बाली देवी ने घरौंडा थाने में शिकायत दर्ज की थी कि राजेंद्र (आरोपी) ने उनकी बेटी से छेड़छाड़ की। इसके बाद आरोपी परिवार ने शुभम को निशाना बनाया और खुलेआम कहा कि शुभम को मार देंगे। बाली देवी ने कहा कि उन्होंने पुलिस को धमकियों की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न हुई।
रंजिश के चलते दिया वारदात को अंजाम
मां का आरोप है कि छेड़छाड़ मामले के बाद आरोपी परिवार ने बदला लेने की धमकी दी। परिवार का आरोप है कि आरोपी अभी भी गांव में घूम रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। पुलिस ने गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र खुराना उर्फ बिल्ला, राजेंद्र तोमर और एक अन्य व्यक्ति अशोक के नाम को एफआईआर में दर्ज किया है, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने इन तीनों को 2 जुलाई को पुलिस थाने में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही, सबूत मिटाने (सीसीटीवी फुटेज खराब) और आरोपी बचाने का आरोप लगाया।

बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाती मां बाली देवी।
परिवार की हालत कमजोर
पिता की 8 साल पहले की मौत हो चुकी है। मां बाली देवी सफाई का काम करके बेटे शुभम और छोटी बेटी का पालन-पोषण करती थी और मामा के घर रहती हैं। शुभम की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। बाली देवी ने कहा कि अब कोई सहारा नहीं बचा। जब न्याय नहीं मिला तो मां ने ग्रामीणों के साथ मिलकर 19 सितंबर को करनाल के लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। 4 अक्तूबर को बाली देवी ने नहर में कूदकर जान देने की कोशिश की लेकिन उसे बचा लिया गया। एसपी गंगाराम पुनिया ने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मिलकर आश्वासन दिया।
11 नवंबर को हुआ था प्रदर्शन
घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया। कश्यप समाज (शुभम का समुदाय) सक्रिय हो गया और 11 नवंबर को बाली देवी के नेतृत्व में कर्ण पार्क से जिला सचिवालय तक मार्च रोष प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी प्रदर्शन के दौरान युवक रिंकू के बैग से दो चाकू मिले, जिससे तनाव बढ़ा। पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स तैनात की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस हमें उकसा रही है। 23 नवंबर को कैथल में महापंचायत हुई और न्याय के लिए कमेटी गठित की गई। परिवार ने सीएम को अपील की और जांच की मांग की। जिसके बाद अब 18 नवंबर को मामला स्टेट क्राइम ब्रांच के पास पहुंच गया।

आस पास के गांव में शुभम की हत्या को लेकर पोस्टर लगाते ग्रामीण परिजन।
एससीबी ने अब तक क्या किया
करनाल की पुलिस (सीआईए टीम-2) से मामला अंबाला राज्य अपराध शाखा को सौंपा गया। इस मामले में शुभम की कक्षा के पांच छात्रों के भी पोलीग्राफ टेस्ट करवाए जा चुके है। इसके साथ ही तीनों संदिग्धों के नार्को टेस्ट होने थे, लेकिन शुगर लेवल सही न होने पर नार्को टेस्ट नहीं हो सका। जिसके बाद इन तीनों संदिग्धों का एलवीए टेस्ट गुजरात की गांधी नगर लैब से करवाया गया, यह टेस्ट भी नार्को टेस्ट की तरह ही होता है।
इस मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी विनेश कुमार ने बताया कि एलवीए टेस्ट की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे के रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा अभियुक्तों के बारे में जानकारी देने वालो को 20 हजार रुपए की भी घोषणा की गई है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.