करनाल जिले में ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। करनाल सेक्टर-14 अर्बन एस्टेट के एक व्यक्ति को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जोड़ा गया। पहले छोटे टास्क पूरे करवाकर रकम दी गई, फिर अलग-अलग शुल्कों के नाम पर बड़ी राशि जमा करवाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ऐसे शुरू हुआ पूरा खेल जांच अधिकारी एएसआई गौरव कुमार ने बताया कि पीड़ित को घर बैठे कमाई का लालच दिया गया। शुरुआत में कुछ आसान काम दिए गए और बदले में खाते में पैसे भेजे गए, इससे उसे भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपियों ने “इकोनॉमी टास्क”, वॉलेट चार्ज, आयकर और अन्य प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में क्रमवार बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई। निकासी के नाम पर बढ़ती गई डिमांड आरोपी अलग-अलग नामों से संपर्क करते रहे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वॉलेट में बड़ी राशि जमा हो चुकी है, लेकिन उसे निकालने के लिए और भुगतान करना जरूरी है। लालच और भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने बार-बार पैसे जमा कराए। इस तरह उससे लाखों रुपए ठग लिए गए। भोपाल क्षेत्र से जुड़े तीनों आरोपी पुलिस ने गांव गढ़ोला जागीर, खुरई जिला सागर के अभिषेक अहिरवार पुत्र कमलेश अहिरवार, गांव लायरा जिला विदिशा के नाजिल पुत्र हरूम और गांव कानो भोपाल के प्रिंस डांगी पुत्र राघवेंद्र डांगी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी संदीप को पकड़ा गया था और उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। बैंक खाता बेचने का नेटवर्क रिमांड के दौरान खुलासा हुआ कि संदीप ने अपना बैंक खाता कुछ रुपए लेकर अभिषेक को बेचा था। अभिषेक ने वही खाता आगे प्रिंस और नाजिल को सौंप दिया। इसी खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगवाने में किया गया। थाना साइबर क्राइम करनाल में मुकदमा दर्ज है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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