मुनक गांव के पंच सरपंच पर 11 करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए।
करनाल जिला के मुनक गांव में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पंचायत के कई प्रमुख कामों पर सवाल उठने के बाद अब पंचों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचों का कहना है कि गांव के लिए दिखाए जा रहे विकास कार्य धरातल पर
पंचों का आरोप-11 करोड़ के विकास कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए
पंचों ने कहा कि गांव में लगभग 11 करोड़ रुपए के विकास कार्य दिखाए गए हैं, लेकिन मौके पर कोई ठोस काम पूरा नहीं हुआ। कई काम शुरू तो हुए, पर आज तक पूरे नहीं हो पाए। पंचों के अनुसार पूरा काम कागजों में दिखाकर गबन किया गया है और इससे ग्राम पंचायत के संसाधनों का भारी दुरुपयोग हुआ है।
करनाल जिला सचिवालय में सरपंच के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण व पंच।
सिर्फ नाम की सरपंच, पूरा काम करते है पति ओमप्रकाश
गांव मुनक की सरपंच फूल कुमारी हैं, लेकिन पंचों का आरोप है कि पंचायत का कोई भी काम वह स्वयं नहीं करतीं। पंचों के मुताबिक, सारे प्रोजेक्ट, फाइलें और हस्ताक्षर उनके पति ओमप्रकाश करते हैं। पंचायत कार्यालय से लेकर बैठकों तक, हर जगह उनकी सक्रियता रहती है, जबकि सरपंच शायद ही कभी गांव या कार्यालय में दिखाई देती हैं।
महिला पंचों को पूरे दिन कार्यालय में बैठाकर रखा जाता है
पंचों ने आरोप लगाया कि महिला पंचों को बिना आवश्यकता बुलाकर कार्यालय में पूरे दिन बैठाया जाता है और बाद में शाम को घर भेज दिया जाता है। इससे कोई भी महिला पंच अपने नियमित कार्य नहीं कर पाती और लगातार परेशान रहती है।
पंचों ने लगाए दबाव बनाने और धमकी देने के आरोप
पंच सपना, कमला, सुशील कुमार, नीतू, मोहित, पूजा रानी, महेंद्र सिंह, राजकुमार, रेखा देवी, मनदीप सिंह, रीना रानी और कुलदीप ने बताया कि जब प्रस्ताव तैयार होते हैं और साइन करने का समय आता है, तो कोई पंच मना कर दे तो सरपंच या उनका पति धमकी देते हैं कि उन्हें सस्पेंड करा दिया जाएगा। इससे सभी पंचों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है।

सरपंच के खिलाफ डीसी के पास पहुंची महिला पंच व ग्रामीण।
फाइलों और निधि का पूरा नियंत्रण ओमप्रकाश के पास: अविश्वास प्रस्ताव में आरोप
पंचों द्वारा डीसी को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव में लिखा है कि पंचायत की सभी फाइलें और निधि पर नियंत्रण ओमप्रकाश का है। सरपंच फूल कुमारी न तो पंचायत कार्यालय आती हैं और न ही ग्राम सभा की बैठकें बुलाती हैं। ग्रामीण जब उनके घर जाते हैं, तो वहां भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाती। पंचायत की किसी भी बैठक की सूचना पंचों को नहीं दी जाती।
19 में से 12 पंच हुए सरपंच के खिलाफ, कार्रवाई की मांग
कुल 19 में से 12 पंचों ने संयुक्त रूप से यह अविश्वास प्रस्ताव जिला उपायुक्त को सौंपा है। पंचों ने कहा कि उन्होंने 31 अक्टूबर 2025 को बीडीपीओ मुनक को भी लिखित रूप में अविश्वास प्रस्ताव दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से अब उन्होंने जिला स्तर पर मामला उठाया है और सरपंच को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
पंचों ने कहा-निष्पक्ष जांच हो, पद रिक्त किया जाए
अविश्वास प्रस्ताव में स्पष्ट लिखा गया है कि सरपंच फूल कुमारी केवल नाम मात्र की सरपंच हैं और सभी कार्य उनके पति ओमप्रकाश द्वारा करवाना पूर्णतः अवैध है। पंचों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो गांव का विकास पूरी तरह रुक जाएगा। इसलिए उन्होंने मांग की कि सरपंच का पद तत्काल प्रभाव से रिक्त घोषित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
ग्रामीणों में भी बढ़ी नाराजगी, डीसी से कार्रवाई की उम्मीद
पंचों का कहना है कि गांव के लोग भी लगातार शिकायत कर रहे हैं कि कई काम अधूरे पड़े हैं और फाइलों में ही पूरे दिखाए जा रहे हैं। पंचों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि गांव में पारदर्शी और सही तरीके से विकास कार्य आगे बढ़ सकें।
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