सुप्रसिद्ध श्याम भजन गायक कन्हैया मित्तल ने झुमरी तिलैया में अपनी भजन संध्या से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। प्रखंड मैदान में आयोजित इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में श्याम भक्त उमड़े। महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग सभी देर रात तक भजनों में डूबे नजर आए। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल और भव्य मंच बनाया गया था, जहां खाटू श्याम का दरबार आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यक्रम से पूर्व दो दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई थी। समापन अवसर पर जैसे ही कन्हैया मित्तल मंच पर पहुंचे, पूरा पंडाल “श्याम बाबा की जय” के जयघोष से गूंज उठा। भजनों से बांधा समा, श्याम बाबा के महत्व को बताया करीब ढाई घंटे तक चली भजन संध्या में कन्हैया मित्तल ने एक से बढ़कर एक श्याम भजन प्रस्तुत किए। उनके भजनों पर श्रद्धालु झूमते और भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने भजनों के माध्यम से खाटू श्याम के महत्व, उनकी कृपा और भक्तों के प्रति उनके प्रेम को सरल शब्दों में समझाया। मंच से उन्होंने कहा कि श्याम बाबा केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले आराध्य हैं। आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और पंडाल में मौजूद हर व्यक्ति श्याम रंग में रंगा नजर आया। भजन गायकी को लेकर बेबाक बोले कन्हैया मित्तल कार्यक्रम के दौरान दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कन्हैया मित्तल ने अपने भजन गायकी के सफर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भजन गायकी को आज जिस मुकाम पर पहचान मिली है, उसमें पहले के मेहनती लोगों का बड़ा योगदान रहा है। “हम लोगों को तो पका-पकाया फल मिला है,” उन्होंने कहा। मित्तल ने बताया कि वे आठ साल की उम्र से भजन गा रहे हैं। पिछले 28 वर्षों से बाबा को रिझाने का काम कर रहे हैं। भजन गायकी को पेशा बनाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब अन्य गायक करोड़ों रुपए लेते हैं, तो भजन गायक भी सम्मानजनक पारिश्रमिक लेने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि भजन जब भोजन में आता है तो प्रसाद बन जाता है और भोजन जब व्यक्ति में आता है तो वह इंसान बन जाता है। अगर कोई भजन को व्यवसाय बनाना चाहता है तो उसे खुलकर और ईमानदारी से करना चाहिए। श्याम बाबा पर आएगी AI जनरेटेड फिल्म कन्हैया मित्तल ने यह भी बताया कि वे बहुत जल्द श्याम बाबा पर आधारित एक ढाई घंटे की AI जनरेटेड फिल्म लेकर आ रहे हैं। यह श्याम बाबा पर आधारित अपनी तरह की पहली फिल्म होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे मंच पर भजन गायकी कम करेंगे और बाबा को रिझाने के अन्य मार्ग अपनाएंगे। राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी इसमें कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं थी, बल्कि उद्देश्य लोगों को धर्म से जोड़ना था। कांग्रेस से नजदीकी पर उन्होंने कहा कि उनके श्रोता हर राजनीतिक दल से जुड़े हैं और सभी से उनके अच्छे संबंध हैं। सनातन को लेकर उन्होंने कहा कि आज सनातन पूरी दुनिया में मजबूती से खड़ा है। देश में भगवाधारी सरकारों के आने से सनातन को बल मिला है और टूटे हुए मंदिरों का पुनर्निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को साथ आकर सनातन की मजबूती के लिए काम करना चाहिए।
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