कालका अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी में 246 मरीज
एसएमओ ने शरीर को हाइड्रेटेड रखने और संतुलित आहार की दी सलाह
वायरल फीवर आमतौर पर छह-सात दिन में ठीक हो जाता है
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। मौसम में बदलाव के कारण लोगों की इम्यूनिटी प्रभावित हो रही है, जिससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम और गले में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। पिछले कुछ दिनों से कालका अस्पताल में भी वायरल, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
शुक्रवार को कालका अस्पताल की ओपीडी में 650 मरीज पहुंचे, जिनमें मेडिसिन की ओपीडी में 246 मरीज शामिल थे। इनमें से करीब 35 मरीज वायरल फीवर के थे। अस्पताल के एसएमओ डॉ. राजीव नरवाल ने बताया कि मौसम बदलने और ठंड बढ़ने के कारण वायरल फीवर के केस बढ़ रहे हैं। रोजाना लगभग 30-35 मरीज वायरल फीवर के चलते अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं। डॉ. नरवाल ने बताया कि वायरल फीवर में शुरुआत में शरीर में दर्द महसूस होता है, उसके बाद गले में खराश, खांसी, जुकाम और चेस्ट पेन जैसे लक्षण उभरते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें घबराने की जरूरत नहीं है, वायरल फीवर आमतौर पर छह-सात दिन में ठीक हो जाता है। एसएमओ ने कहा कि वायरल बुखार में शरीर को हाईड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ संतुलित आहार लेना और इम्यूनिटी मजबूत रखना चाहिए।
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