कैथल में पैक्स में नौकरी लगवाने के नाम पर 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए पैक्स के अस्सिटेंट रजिस्ट्रार ऋषि महाजन को हरियाणा सहकारिता विभाग ने सस्पेंड कर दिया। रजिस्ट्रार ने इंस्पेक्टर जसबीर सिंह के साथ मिलकर गांव पाडला के एक युवक को नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। जिसमें से 70 हजार रुपए वे पहले ले चुके थे। वीरवार को अस्सिटेंट रजिस्ट्रार व इंस्पेक्टर को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 30 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। अब सहकारिता विभाग के ACS ने इस संबंध में निलंबन का लेटर जारी किया है। वेतन पर भी प्रभाव अपने निलंबन के पहले छह महीनों के दौरान ऋषि महाजन अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर राशि पर निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे, जो उन्हें आधे औसत या आधे वेतन पर छुट्टी पर होने पर मिलता। यदि निलंबन की अवधि छह माह से अधिक हो जाती है तो उसे जीवन निर्वाह भत्ता की दर इस शर्त के अधीन दी जाएगी कि वह इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा कि वह किसी अन्य रोजगार, व्यवसाय में संलग्न नहीं है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकुला के कार्यालय में रहेगा। पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। पाडला निवासी व्यक्ति ने शिकायत दी बता दें कि इस संबंध में गांव पाडला के रहने वाले मांगेराम ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी। आरोप था कि ए आर व इंस्पेक्टर ने उनसे एक लाख रिश्वत मांगी, जिसमें से 30 हजार रुपए लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया। मांगेराम अपने पोते अभिमन्यु को पैक्स में नौकरी लगवाने चाहता था, जिसकी एवज में दोनों अधिकारियों ने रुपए मांगे थे। फिलहाल ए आर को निलंबित कर दिया गया है।
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