गया जी में आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि किस शराब को पीने से फायदा मिलता है। शराबबंदी का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के पास उन्होंने तीसरी बार समीक्षा करने के लिए भेजा है। मांझी ने कहा कि उनके पिता ईख और महुआ का बनाते थे शराब। वह शराब पीने से फायदा होता है। पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों हजार गैलन शराब वालों को पुलिस गट्टा लेकर छोड़ देते है और हमारे आदमी को फूंकवाकर जेल भेजते हैं।
बिहार सीएम नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि 20 साल तक नीतीश कुमार सीएम रहे। इसलिए उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। यह सौभाग्य की बात है। जब हम 1980 में थे तो स्कूल का भवन नहीं था। सभी लोग पेड़ के नीचे पढ़ते थे। आज बिहार के सभी जगह स्कूल है।
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सरकारी स्कूल के शिक्षक नहीं पढ़ाते हैं। गरीब घर के लड़के लोग सरकारी स्कूल में पढ़ते है। अमीर घर के लोग तक 10 लाख, 20 लाख रुपए देकर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते है। मांझी ने कहा कि शिक्षक 60–70 हजार रुपये वेतन लेते हैं, फिर भी गरीब बच्चों को सही शिक्षा नहीं मिलती। अतरी विधानसभा क्षेत्र में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ही नहीं है। जिला शिक्षा पदाधिकारी व डीएम क्या कर रहे हैं?
मांझी ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वे 8 बार चुनाव जीत चुके हैं। 82 साल की उम्र में चुनाव लड़ा और अब 85 साल में लड़ेंगे या नहीं इसका फैसला समय आने पर करेंगे। दक्षिण बिहार में सुखाड़ और उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति पर उन्होंने कहा कि सोन नदी से फल्गु नदी में पानी लाकर सिंचाई की बड़ी योजना बनाई थी। 700 करोड़ की परियोजना में 100 करोड़ जमा भी कर दिए गए थे, लेकिन सरकार बदलने से योजना रुक गई।
उन्होंने कहा कि गंगा से पानी लाकर गंगाजल दिया गया, जिसे लोग मरते समय पीते हैं। इससे सिंचाई नहीं होती। सोन नदी से पानी लाते तो पूरा इलाका हराभरा हो जाता। अंत में उन्होंने कहा कि वह भले पूजा-पाठ नहीं करते, लेकिन भगवान में विश्वास रखते हैं। किस्मत में नहीं होता तो एक भुइयां सीएम और केंद्रीय मंत्री कैसे बन जाता?
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