राजधानी रांची में मंगलवार की सुबह अचानक माहौल तब गर्म हो गया, जब प्रवर्तन निदेशालय की टीम दो गाड़ियों के काफिले के साथ चर्च कॉम्प्लेक्स पहुंची। यहां पहुंचकर ईडी अधिकारियों ने झारखंड के चर्चित चार्टर्ड अकाउंटेंट नरेश केजरीवाल के कार्यालय पर छापेमारी शुरू करनी चाही, लेकिन ऑफिस बंद मिलने के कारण टीम कार्यालय खुलने का इंतजार करती रही। इसके बावजूद ईडी अधिकारियों ने परिसर और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की प्राथमिक स्तर पर जांच शुरू कर दी।
इस बार ईडी ने नरेश केजरीवाल पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के बजाय फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि झारखंड में FEMA के तहत की गई यह ईडी की पहली छापेमारी है। इस वजह से न केवल वित्तीय जगत, बल्कि बड़े कारोबारी समूहों में भी सरगर्मी और चिंता तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने नरेश केजरीवाल के रांची, मुंबई और सूरत स्थित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। इन ठिकानों में उनके आवास, पारिवारिक सदस्यों के पते, व्यावसायिक कार्यालय, और उनसे जुड़े अन्य सहयोगियों के स्थान शामिल बताए जा रहे हैं। टीम द्वारा सभी जगहों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, लैपटॉप, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं।
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कौन है नरेश केजरीवाल?
नरेश केजरीवाल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है और झारखंड के प्रमुख बड़े बड़े उद्धोगपतियों से उनका संबंध है। उनका प्रोफेशनल ऑफिस, व्यवसाय और लेखा अभियोजन का काम कई क्लाइंट्स, संस्थाओं और कंपनियों के लिए रहा है। नरेश केजरीवाल हवाला कारोवर के मामले जांच एजेंसी और मीडिया के नजर में आ कूके हैं। उनपर कई वित्तीय धोखादड़ी के आरोप लग चुके हैं। नरेश केजरीवाल पर 2019 में लगभग 1.76 करोड़ रुपये के हवाला घोटाला का आरोप लगा था।
यही कारण है कि समय समय पर ईडी और आयकर विभाग नजर उनपर दबिश होती है। पूछताछ के क्रम में केजरीवाल ने ईडी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। जब उन पर इन तरह के गंभीर आर्थिक व वित्तीय आरोप लगे, तो उनकी उम्र-पारिवारिक पृष्ठभूमि, कार्यालय, नेटवर्क आदि मीडिया एवं एजेंसियों की जांच में आया है। मीडिया और जांच एजेंसी के नजरों में एक बार फिर से चरचित हो गए हैं। उनका कारीबार झारखंड के अलावा मुंबई ,कोलकता में है। उनका मुख्य धंधा हवाला कारोबार बन गया है।
नरेश केजरीवाल पर विदेशों में किये गये निवेश से जुड़े मामलों की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन किये जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों को इसके सबूत हाथ लगी है। ईडी द्वारा की गयी प्रारंभिक जांच के दौरान CA नरेश केजरीवाल द्वारा दुबई, अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों में निवेश से संबंधित सबूत मिले हैं। इसकी के आधार पर ईडी ने FEMA के तहत इस CA और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापा मारा है।
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