पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की आड़ में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने बेटे के इलाज के लिए एक कथित ओझा को घर बुलाया था। आरोपी पांडे नाग (57 वर्ष), जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के तोड़ांगहातु (मुंडासाई) गांव का निवासी है और ओझा-गुनी का काम करता है। बताया गया कि आरोपी ने झाड़-फूंक के बहाने महिला और उसके बेटे को घर से बाहर भेज दिया। उसने उन्हें पास के तालाब में फेरा लगाने और विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा, जबकि वह खुद घर में रुक गया। इसी दौरान उसने मौके का फायदा उठाकर महिला की नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब महिला अपने बेटे के साथ घर लौटी, तो पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन तत्काल जगन्नाथपुर थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 मार्च 2026 को थाना कांड संख्या 15/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी अभियान चलाकर नामजद आरोपी पांडे नाग को 2 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2014 में भी दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित रह चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने आम लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि झाड़-फूंक और ओझा-गुनी के नाम पर ठगी तथा अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। किसी भी बीमारी की स्थिति में योग्य चिकित्सक से उपचार कराएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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