पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड से एक मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र की चार बच्चियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उन्हें कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया है। परिजनों का कहना है कि बच्चियां घर लौटना चाहती हैं, लेकिन उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर परिजन और ग्रामीण जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु से मिले। उन्होंने विधायक को पूरी घटना की जानकारी दी और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, चारों बच्चियां नोवामुंडी प्रखंड की महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव की निवासी हैं। इनमें सुखमती लागुरी (पिता – मंगल लागुरी), सोनिवारी बरजो (पिता – स्व. विरा बरजो), सपनी बरजो (पिता – गंगा राम बरजो) और सुखमती बरजो (पिता – देवा बरजो) शामिल हैं। डीएसपी को फोन कर घटना की सूचना दी मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर ही क्षेत्र के डीएसपी को फोन कर घटना की सूचना दी। विधायक ने डीएसपी को पूरे मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करने और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। विधायक सिंकु ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान कांग्रेस के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उपस्थित लोगों में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, रंजीत गगराई, नोवामुंडी युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, प्रखंड उपाध्यक्ष सूरज चंपिया, प्रखंड महासचिव प्रदीप प्रधान, रोशन पान, दानिश हुसैन, मोरान सिंह कराई, गुलजार अंसारी और सूरज मुखी शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और बच्चियों को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाने की मांग की है।
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