झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने राज्य के छात्रों और युवाओं के अधिकारों तथा लंबित समस्याओं को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में शुक्रवार को डुमरी के चिरैया मोड़ से ‘छात्र अधिकार पदयात्रा’ की शुरुआत हुई।
सुबह से ही सैकड़ों छात्र-युवा और मोर्चा के कार्यकर्ता स्थल पर एकत्रित होने लगे थे। डुमरी विधायक जयराम महतो ने जोशपूर्ण नारों और बैनरों के बीच पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विधायक जयराम महतो ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड के छात्र और युवा वर्षों से उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उनके भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई जाए।
उन्होंने इसे केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि न्याय के लिए शुरू किया गया जन आंदोलन बताया, जिसे जरूरत पड़ने पर और तेज किया जाएगा। यह पदयात्रा डुमरी से शुरू होकर बगोदर, बिष्णुगढ़, हजारीबाग और रामगढ़ होते हुए राजधानी रांची पहुंचेगी।
यात्रा का समापन विधानसभा धरनास्थल पर
विभिन्न पड़ावों पर छात्र-युवा स्वागत सभाओं के माध्यम से यात्रा का समर्थन करेंगे। यात्रा का समापन 9 दिसंबर को रांची विधानसभा धरना स्थल पर एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसमें राज्यभर से हजारों युवाओं के जुटने की संभावना है।
मोर्चा नेताओं ने बताया कि पदयात्रा के माध्यम से कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई जाएंगी। इनमें खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति को तुरंत लागू करना, राज्य के छात्रों को लंबित छात्रवृत्ति का तत्काल भुगतान, जेपीएससी, जेएसएससी और जे-टेट की लंबित परीक्षाओं के परिणाम जल्द जारी करना शामिल है।
अन्य मांगों में हर वर्ष नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी कर उसका पालन सुनिश्चित करना और राज्य के सभी विभागों में रिक्त सरकारी पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करना प्रमुख हैं। मोर्चा का कहना है कि बेरोजगारी, लंबित परीक्षाएं, अव्यवस्थित भर्ती प्रणाली और छात्रवृत्ति भुगतान में देरी ने राज्य के युवाओं को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। इसी कारण ‘छात्र अधिकार पदयात्रा’ को प्रदेशव्यापी आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
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