देश के गृहमंत्री अमित शाह के हालिया बिहार और सीमांचल दौरे के बाद सीमांचल को अलग राज्य बनाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इन चर्चाओं पर जनता दल (यूनाइटेड) ने विराम लगा दिया है। कटिहार में एक प्रेस वार्ता के दौरान जदयू ने स्पष्ट किया कि ये बातें केवल अफवाह हैं और इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जदयू की बिहार प्रदेश सलाहकार समिति के सदस्य ख्वाजा शाहिद ने कहा कि सीमांचल को अलग राज्य बनाने की चर्चा का कोई आधार नहीं है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण गृहमंत्री का दौरा स्वाभाविक है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। घुसपैठ के मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए
ख्वाजा शाहिद ने इस बात पर जोर दिया कि सीमांचल का इलाका अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक होने के कारण संवेदनशील है। इसलिए, घुसपैठ जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने घुसपैठ के सवाल पर अपने ही गठबंधन की सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यदि घुसपैठ हो रही है, तो उसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि घुसपैठियों को चिन्हित करना और उन्हें कानूनी रूप से घोषित करना एक गंभीर प्रक्रिया है। केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रमाण के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। ख्वाजा शाहिद के अनुसार, अगर घुसपैठियों को अलग करने की बात हो रही है, तो यह एक अच्छी पहल है, लेकिन उन्हें विधिवत पहचान कर कानूनी रूप से सिद्ध करना आवश्यक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृहमंत्री के दौरे के बाद सीमांचल के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि, अलग राज्य की मांग को लेकर फिलहाल कोई ठोस राजनीतिक पहल सामने नहीं आई है।
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