छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक युवती को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है. बाद में इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी युवती को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में छोड़कर भाग गए. अब मृतिका की मां न्याय की मांग कर रही है.
बताया जा रहा है कि 24 जनवरी को शिवम होटल सक्ती में इस वारदात को अंजाम दिया गया. घटना के बाद आरोपी युवती को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए. अस्पताल में छोड़ने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जहां आग से झुलसी युवती की हालत नाजुक होने पर, उसे बिलासपुर के BTRC अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
कार्रवाई नहीं होने से परिजन हैं नाराज
मृतका की पहचान दीक्षा मरावी के रूप में हुई है, जो सक्ती वार्ड नंबर-11 की रहने वाली थी और बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थी. घटना को 15 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परिजन नाराज हैं. न्याय की मांग को लेकर मां दर-दर भटकने को मजबूर है. वहीं इस मामले में सक्ती पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
जांच के लिए गुहार लगा रही मां
इस घटना को लेकर मृतिका की मां ने सक्ती कोतवाली थाना में 9 फरवरी को लिखित में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही मृतिका की मां ने कहा कि जिस दिन वारदात को अंजाम दिया गया है उस दिन मेरी बेटी को मोबाइल पर फोन करके और मैसेज में धमकी देते हुए होटल बुलाया गया था, यहां तक कि आग लगने के बाद मेरे सामने मेरी बेटी का बयान नही लिया गया है. पूरे केस को दबाया जा रहा है और क्षेत्र में फैलाया जा रहा है कि इनके द्वारा समझौता हो गया है. मैं मेरी बेटी के लिए न्याय मांग रही हूं. मैं पुलिस जांच के द्वारा संतुष्ट नहीं हूं और स्वयं थाना प्रभारी के द्वारा गलत बयान दिया जा रहा है और ना ही होटल की तफ्तीश नहीं की गई है. जबकि एम्बुलेंस में मेरी बेटी को बहुत दबाया गया है.
हांलकि इस घटना के बारे में पुलिस का कहना है कि युवती की मौत बिलासपुर में हुई है. वहीं जीरो में रिपोर्ट दर्ज की गई है डायरी आने के बाद जांच की जाएगी. उनकी माता ने आवेदन दिया है और आवेदन की जांच की जा रही है. अब देखना होगा कि इस गंभीर मामले में पुलिस कब तक आरोपियों पर कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं.
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