जमुई में ग्रामीण बच्चों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की सरकारी योजना अधूरी रह गई है। मनरेगा के तहत प्रत्येक पंचायत में खेल मैदान बनाने के लिए 9.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन बरहट पंचायत को छोड़कर आठ अन्य पंचायतों में यह कार्य या तो अधूरा है या शुरू होते ही जर्जर हो चुका है। दो साल बीत जाने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर खेल मैदान तैयार नहीं हो सके हैं। कई जगह मिट्टी धंस गई है, कहीं समतलीकरण का काम अधूरा है तो कहीं निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। इसके परिणामस्वरूप, बच्चे अभी भी खेल के लिए उपयुक्त मैदान का इंतजार कर रहे हैं। मजदूरी और सामग्री मद में लाखों रुपये की निकासी हो चुकी जिन पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण कार्य चल रहा है, उनमें बरियारपुर पंचायत का मोहनपुर गांव, डाढ़ा पंचायत का उच्च विद्यालय लथलथ, गुगुलडीह पंचायत का उत्क्रमित उच्च विद्यालय परिसर, कटौना पंचायत का राजकीय बुनियादी विद्यालय, लखैय पंचायत का सुगवामहुआ विद्यालय, मलयपुर पंचायत का कृत्यानंद प्लस टू हाई स्कूल, नुमर पंचायत का बुनियादी विद्यालय और पाड़ों पंचायत का सरकार भवन परिसर शामिल हैं। दस्तावेजों के अनुसार, इन विभिन्न पंचायतों में मजदूरी और सामग्री मद में लाखों रुपये की निकासी हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर, बरियारपुर पंचायत में मजदूरी मद में 1,51,655 रुपये और सामग्री में 3,83,512 रुपये निकाले गए। डाढ़ा पंचायत में 1,99,475 रुपये मजदूरी और 4,26,409 रुपये सामग्री मद में, जबकि लखैय पंचायत में 1,53,110 रुपये मजदूरी और 6,16,115 रुपये सामग्री मद में खर्च दर्शाया गया है। इसके बावजूद, ये मैदान उपयोग के योग्य नहीं हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर खेल मैदान तैयार करा दिया इन सबके बीच, बरहट पंचायत की मुखिया जितनी देवी ने कुसौना गांव में निर्धारित समय सीमा के भीतर खेल मैदान तैयार करा दिया है, जहां बच्चे नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। प्रखंड मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने इस संबंध में बताया कि जिन पंचायतों में कार्य अधूरा है, उसे शीघ्र पूरा कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अनियमितता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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