जमुई के टाउन थाना क्षेत्र स्थित महाराजगंज इलाके में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। यह घटना दर्जनों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई, लेकिन 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शनिवार दोपहर के बाद इस लाठीबाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात टाउन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर मोहल्ले से सरस्वती प्रतिमा का विसर्जन किया जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों ओर से हुई लाठीबाजी में 10 से अधिक लोग घायल हो गए। निजी क्लीनिकों में अपना इलाज कराया बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से घायल लोगों ने तत्काल सदर अस्पताल जाने के बजाय आसपास के निजी क्लीनिकों में अपना इलाज कराया। हालांकि, शनिवार दोपहर बाद एक-एक कर कुछ घायलों के सदर अस्पताल पहुंचने की सूचना मिली है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की मौजूदगी में हुई इस हिंसा के बावजूद अब तक किसी भी पक्ष के लोगों की पहचान नहीं हो पाई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं इस संबंध में टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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