इसे लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पूर्व में ही निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत 1 जनवरी से यह प्रक्रिया अब लागू हो गई है. अब सभी प्रकार के राजस्व रिकार्ड्स केवल डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किए जाएंगे, जिन्हें विधि अनुसार पूरी तरह मान्य सत्यापित प्रतिलिपि माना जाएगा. इसके बाद जमीन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज जैसे खाता, खतियान, नक्शा और लगान रसीद सहित…
1 जनवरी 2026 से लागू हुआ यह नया नियम
रैयतों को राहत देते हुए राज्य सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन और राजस्व से जुड़े दस्तावेजों की सत्यापित प्रति जारी करने की पुरानी कागजी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का बड़ा फैसला लिया है. 1 जनवरी 2026 से राज्यभर में वेरीफाई कॉपी यानी सत्यापित नकल की पारंपरिक प्रक्रिया बंद कर दी गई है. अब इसकी जगह पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है.
गौरतलब है कि इसे लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पूर्व में ही निर्देश जारी किए थे, जिसके तहत 1 जनवरी से यह प्रक्रिया अब लागू हो गई है. अब सभी प्रकार के राजस्व रिकार्ड्स केवल डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किए जाएंगे, जिन्हें विधि अनुसार पूरी तरह मान्य सत्यापित प्रतिलिपि माना जाएगा. इसके बाद जमीन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज जैसे खाता, खतियान, नक्शा और लगान रसीद सहित अन्य अभिलेख भू-अभिलेख पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगे.
सचिव ने भी इसे लेकर जारी किया था पत्र
इस बारे में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, जिला अभिलेखागार के प्रभारी पदाधिकारियों और सभी अंचलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिया था. पत्र में कहा गया था कि अब तक राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए लोगों को आवेदन देना पड़ता था, स्टाम्प लगवाने होते थे. इन कार्यों के लिए लोगों को कई बार अंचल कार्यालय या जिला अभिलेखागार के चक्कर लगाने पड़ते थे. इस प्रक्रिया में 7 से 14 दिन या उससे भी अधिक समय लग जाता था. इसमें लोगों का पैसा और समय बर्बाद होता था. दूर गांव से आने वाले लोगों को तो और भारी दिक्कत होती थी. नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को न तो दफ्तर जाना होगा और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा. वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त वेरीफाई कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे.
ऐसे प्राप्त कर सकते हैं कोई भी नकल
अगर आप भी बिहार के रैयत हैं और आपको किसी भी प्रकार के कागज के नकल की आवश्यकता है, तब आप सरकार की वेबसाइट https://biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/ पर जाकर नकल प्राप्त कर सकते हैं. बिहार भूमि पोर्टल में जाने के बाद आपको भू अभिलेख पोर्टल पर जाना होगा या आप सीधे https://bhuabhilekh.bihar.gov.in/login?ref=aW5kZXgucGhw पर जाकर भी कागजात प्राप्त कर सकते हैं. यहां पहले आपको एक अकाउंट बनाना होगा. अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए आप अकाउंट बनाकर इसमें लॉगइन कर सकते हैं. इसके बाद आपको सबसे पहले जिस कागज की आवश्यकता है, इसकी जानकारी भरनी होगी. जिसमें जमाबंदी जमाबंदी पंजी, रजिस्टर टू, खतियान, चकबंदी खतियान सहित कई तरह के विकल्प मौजूद हैं. इसके बाद आपको अपने जिले अंचल, पंचायत तथा जिस गांव के लिए कागज की आवश्यकता है वह डालनी होगी.
सारी जानकारी भरने के बाद आपके सामने पीडीएफ फॉर्मेट में सभी दस्तावेज खुलेंगे. वहां से अपने जरूरत का दस्तावेज चयन कर इसकी प्रति के लिए आपको आवेदन करना होगा जिसके लिए आपको ₹10 का शुल्क भी चुकाना पड़ेगा. ऐसे में बिहार के रैयतों के लिए यह बड़ी राहत भरी खबर है.
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