रेलवे का रेस्क्यू और मरम्मत कार्य जारी
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल राहत और बहाली कार्य शुरू कर दिया. मौके पर भारी मशीनों और तकनीकी टीम की मदद से ट्रैक से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है. साथ ही क्षतिग्रस्त रेल पटरी को दुरुस्त करने की प्रक्रिया भी जारी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों के अनुसार ट्रैक पूरी तरह ठीक होने के बाद ही सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा.
इन ट्रेनों का बदला गया रूट
मालगाड़ी हादसे के कारण कई प्रमुख ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। बदले हुए रूट से जिन ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं.
जसीडीह-पुणे वीकली एक्सप्रेस
आरा-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
थावे-टाटानगर एक्सप्रेस
टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस
कोलकाता–दरभंगा एक्सप्रेस
दरभंगा-कोलकाता एक्सप्रेस
जयनगर-कोलकाता वीकली एक्सप्रेस
जयनगर-सियालदह गंगासागर एक्सप्रेस
बलिया-सियालदह एक्सप्रेस
रक्सौल-हावड़ा मिथिला एक्सप्रेस
गोरखपुर-कोलकाता पूर्वांचल एक्सप्रेस
इस रूट से चलेंगी ये ट्रेनें
रेलवे के अनुसार, 29 दिसंबर को चलने वाली 15233 कोलकाता-दरभंगा एक्सप्रेस को बर्द्धमान-खाना-रामपुरहाट-गुमानी-भागलपुर-मुंगेर मार्ग से चलाया जाएगा. वहीं 18183 टाटानगर–बक्सर एक्सप्रेस को प्रधानखंता-धनबाद-गया-पटना मार्ग से डायवर्ट किया गया है. लोकल यात्रियों को राहत देते हुए 63209 देवघर-पटना मेमू को रद्द करने के बजाय झाझा से शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया है, जबकि 63210 पटना-देवघर मेमू झाझा में ही समाप्त होगी. इसके अलावा 63573 जसीडीह-किऊल मेमू भी झाझा से ही चलेगी.
इससे पूर्व की तिथियों में भी कई ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं. 28 दिसंबर को 11428 जसीडीह–पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस को देवघर-बांका-भागलपुर–किऊल मार्ग से चलाया गया, जबकि 13128 आरा-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस को किऊल-भागलपुर-गुमानी-रामपुरहाट-बर्द्धमान मार्ग से डायवर्ट किया गया. वहीं 27 दिसंबर को 18182 थावे-टाटानगर एक्सप्रेस को प्रधानखंता-सीतारामपुर-आसनसोल मार्ग से चलाया गया. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें.
लोकल सेवाओं पर भी असर
हादसे का असर लोकल रेल सेवाओं पर भी पड़ा है. देवघर–पटना मेमू ट्रेन का परिचालन फिलहाल केवल झाझा तक ही किया जा रहा है. इसके अलावा झाझा–जसीडीह सेक्शन में चलने वाली सात जोड़ी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. रूट बदलने और ट्रेन रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें.
कब तक बहाल होगा परिचालन?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. जैसे ही ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा, झाझा–जसीडीह रेलखंड पर ट्रेनों का सामान्य परिचालन बहाल कर दिया जाएगा. फिलहाल, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है.
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