सड़क दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने पर परिजन अक्सर मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन करते हैं. लेकिन बिहार में ऐसी घटनाओं के लिए सरकारी प्रावधान तय हैं. दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाती है और घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाती है. लखीसराय के मोटरयान निरीक्षक प्रतीक कुमार के अनुसार, सड़क दुर्घटनाएं दो श्रेणियों में बांटी गई हैं. पहली श्रेणी हिट एंड रन की है, जिसमें वाहन की पहचान नहीं हो पाती. ऐसे मामलों में मृतक के आश्रित को दो लाख और घायल को 50 हजार रुपए तक सहायता दी जाती है.
तना ही नहीं अगर किसी दुर्घटना में कोई घायल होता है तो सरकारी स्तर से उसके इलाज का खर्च भी उठाया जाता है. इसे लेकर लखीसराय जिले के मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई)प्रतीक कुमार ने बताया कि सरकार के द्वारा दो अलग-अलग तरह के मामलों में मुआवजा दिया जाता है, जिसमें अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है.
क्या है पूरा प्रावधान
मोटर यान निरीक्षक प्रतीक कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना को दो अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है. जिसमें पहली श्रेणी हिट एंड रन की है. जिसमें दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान नहीं हो पाती. इन मामलों में मृतक के आश्रित को दो लाख रुपए तक का मुआवजा दिया जाता है. जबकि घायल होने की अवस्था में घायल को 50 हजार रुपए तक आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है.
हिट एंड रन के मामले में मृतक के आश्रितों को मृतक का आधार कार्ड, उनका पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृतक का डेथ सर्टिफिकेट के साथ आश्रित (जो आवेदन कर रहे हैं) उनका आधार कार्ड, मृतक के साथ उनके संबंध को लेकर अंचल कार्यालय के द्वारा जारी पारिवारिक सूची, बैंक अकाउंट सहित अन्य दस्तावेजों के साथ डीटीओ के कार्यालय में आवेदन करना होता है. फिर वहां से स्वीकृति के पश्चात जिलाधिकारी के द्वारा मुआवजा देने का अनुमोदन किया जाता है और करीब 3 महीने के प्रोसेस के बाद उनके आश्रित को 2 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जाती है. जबकि घायल खुद आवेदन कर 50 हजार रुपए तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
इस तरह के मामले में मिलते हैं न्यूनतम 5 लाख रुपए
मोटरयान निरीक्षक ने बताया कि अगर मामला नॉन हिट एंड रन का हो, जिसमें दुर्घटना करने वाला वाहन पकड़ा गया हो तब ऐसे मामलों में मृतक के आश्रितों को न्यूनतम 5 लाख रुपए तक दिए जाने का प्रावधान है. जिसमें मुआवजे की राशि इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा वहन किया जाता है. इस तरह के मामलों में मुंगेर में स्थित मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में जाकर कागजात जमा करने होते हैं, या ऑनलाइन आवेदन करना होता है. मृतक के आश्रित चाहे तो डीटीओ कार्यालय में जाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं. साथ ही घायल अवस्था में इसमें भी 50 हजार रुपए आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.