सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को 1 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को प्रोत्साहन दिया जाता है. पहले प्रोत्साहन के रूप में लोगों को दस हजार रुपए दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य यही है कि लोग बिना किसी डर या झिझक के मानवता के नाते दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं.
लखीसराय के मोटर वाहन निरीक्षक प्रतीक कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान कई बार घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने से उनकी जान बचाई जा सकती है. ऐसे में मौके पर मौजूद लोग अगर बिना डर के मदद के लिए आगे आएं तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गुड सेमेरिटन योजना के तहत मदद करने वाले लोगों को न केवल सम्मानित किया जाता है बल्कि अब उन्हें 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है.
नहीं होती है कोई भी कानूनी झंझट
एमवीआई प्रतीक कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के समय वाहन चालकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. अधिकतर मामलों में दुर्घटना के समय सबसे पहले वाहन चालक ही मौके पर मौजूद होते हैं. ऐसे में उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता किसी घायल की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है. कई बार लोग कानूनी झंझट या पुलिस पूछताछ के डर से घायलों की मदद करने से हिचकते हैं, लेकिन सरकार ने गुड सेमेरिटन प्रावधान के तहत मदद करने वाले लोगों को कानूनी संरक्षण दिया है. इसका मतलब यह है कि जो व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने या प्राथमिक मदद देने का काम करता है, उसे किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. प्रशासन का उद्देश्य यही है कि लोग बिना किसी डर या झिझक के मानवता के नाते दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं.
गोल्डन ऑवर से बच सकती है जान
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है. कई मामलों में गोल्डन ऑवर के दौरान घायल को अस्पताल पहुंचा देने से उसकी जान बचाई जा सकती है. इसलिए यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना स्थल पर मौजूद है और वह घायल की मदद करता है तो यह एक बहुत बड़ा मानवीय कार्य होता है. सरकार भी ऐसे लोगों को सम्मानित करने के साथ आर्थिक प्रोत्साहन देकर उनकी हौसला अफजाई कर रही है.
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करना केवल कानून या नियम का विषय नहीं बल्कि मानवता का सबसे बड़ा उदाहरण है. यदि सभी लोग थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं और जरूरत पड़ने पर आगे आएं तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए किसी भी दुर्घटना के समय मदद करने से पीछे न हटें, क्योंकि आपकी छोटी सी पहल किसी की जिंदगी बचा सकती है.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.