Jamshedpur News: झारखंड के सरायकेला जिले की महिलाएं ‘खुशी’ नामक सस्ते और बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी पैड बना रही हैं. यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता के लिए तो अच्छी है ही साथ ही आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है. इनकी खासियत यह है कि ये सामान्य पैड से 40 परसेंट सस्ते हैं.
कम कीमत होने के बावजूद इसकी गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है. यह पैड खास तौर पर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि हर महिला सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख सके.
पेपर बेस्ड और बायोडिग्रेडेबल
इस पहल की जानकारी देते हुए चंदा तिर्की बताती हैं कि यह पैड पूरी तरह पेपर बेस्ड और बायोडिग्रेडेबल है. यानी इसे इस्तेमाल करने के बाद यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता और लगभग 6 महीने के अंदर आसानी से गल जाता है. आज के समय में जहां प्लास्टिक से बने पैड पर्यावरण के लिए खतरा बन रहे हैं, वहीं “खुशी” पैड एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है.
इस पैड को खास फाइव-लेयर टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया है, जिससे यह ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित बनता है. इसमें शामिल हैं –
टॉप लेयर (Top Layer)
एयर लेड (Air Laid)
शेप शीट (Shape Sheet)
बैक लेयर (Back Layer Laminated)
गम पेपर (Gum Paper)
इन सभी परतों की मदद से यह पैड न केवल सॉफ्ट और स्किन-फ्रेंडली बनता है, बल्कि लंबे समय तक आराम भी देता है. इसे पहनने में किसी तरह की जलन या असहजता नहीं होती, जिससे महिलाएं पूरे दिन बिना चिंता के अपने काम कर सकती हैं.
धीरे-धीरे हो रहा लोकप्रिय
आज ‘खुशी’ पैड का उपयोग सरायकेला जिले के कई स्कूलों और कॉलेजों में भी किया जा रहा है. वहां की छात्राएं और महिलाएं इसे अपनाकर न सिर्फ सुरक्षित महसूस कर रही हैं, बल्कि दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक कर रही हैं. धीरे-धीरे यह पहल पूरे झारखंड में लोकप्रिय होती जा रही है.
महिलाओं को मिल रहा रोजगार
इस पहल का एक और सकारात्मक पहलू यह है कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है. वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं. आपको बता दें ‘खुशी’ पैड सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह पहल दिखाती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो छोटे गांव से भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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