ईरान–इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध का असर अब जमशेदपुर तक महसूस किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते संघर्ष के बीच शहर के उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिनके अपने लोग खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं। जमशेदपुर के कई परिवारों के सदस्य दुबई, कतर, सऊदी अरब जैसे देशों में रोजगार के सिलसिले में वर्षों से रह रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के रहने वाले दिलीप दास का परिवार भी गहरी चिंता में है। उनके बेटे प्रतीक दास पिछले पांच वर्षों से दुबई में कार्यरत हैं। घर के सभी सदस्य डरे और सहमे हुए हैं दिलीप दास ने बताया कि जैसे ही ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने और सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं, परिवार की चिंता और भी गहरा गई। दिलीप दास ने बताया कि लगातार समाचार देखने और सोशल मीडिया पर आ रही सूचनाओं से घर के सभी सदस्य डरे और सहमे हुए हैं। वे प्रतिदिन हर एक घंटे पर अपने बेटे से संपर्क कर उसकी कुशलक्षेम जान रहे हैं। हालांकि दुबई में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, फिर भी क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बेटा एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है: दिलीप दास
दिलीप दास ने बताया कि बेटा दुबई में वहां रहता है, जहां तीन दिनों पूर्व ब्लास्ट हुआ था। बेटा एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है और पांच साल से वहीं रह रहा है। हम लोगों को तो काफी डर लग रहा है। बच्चे की हमेशा चिंता लगी रहती है। उन्होंने कहा- प्रतीक यहां आने के लिए फ्लाइट भी बुक कर चुका था पर सभी कैंसिल हो गई। जब माहौल सामान्य हो जाएगा तो वो फिर वापस आएगा। वीडियो कॉल पर हर एक घंटे में बात हो रही है। दिन भर टीवी पर हमलोगों वहां की स्थितियों को देखते हैं। दिलीप दास कहते हैं इंडिया गवर्नमेंट से मांग करता हूं कि इंडिया के जितने लोग भी वहां फंसे हैं, सबको सकुशल वापस लाएं। वहीं, प्रतिक दास की मां प्रीति दास कहती हैं कि चिंता थोड़ा ज्यादा ही है। एक अच्छी बात है कि वहां इंटरनेट बंद नहीं हुआ। इससे बेटे से हर 1 घंटे में वीडियो कॉल पर बात हो जा रही है। फिलहाल बेटे के आने का इंतजार है।
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