Inspirational Story: दोस्ती और देशभक्ति की ऐसी मिसाल शायद ही कहीं देखी हो. हरियाणा के दीपक शर्मा ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए अपने बचपन के दोस्त दिनेश की याद में 15000 KM की साइकिल यात्रा पर निकले हैं. 10000 KM का सफर और तीन धाम पूरे कर चुके दीपक, साइकिल के पहियों से शहादत को नमन कर रहे हैं. पढ़िए एक दोस्त की अपने ‘शहीद साथी’ को दी गई इस अनोखी श्रद्धांजलि की पूरी कहानी.
गम को बनाया ताकत, 25 मई से शुरू हुआ सफर
दीपक बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके अभिन्न मित्र दिनेश शर्मा शहीद हो गए थे. इस गहरे सदमे ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था. अपने दुख को सकारात्मकता में बदलने और दोस्त की कुर्बानी को अमर बनाने के लिए उन्होंने 25 मई 2025 को चारधाम यात्रा और भारत दर्शन का संकल्प लिया. दीपक ने बतलाया कि गांव में रहकर वे उस मानसिक पीड़ा से नहीं उबर पा रहे थे. इसलिए उन्होंने देश की मिट्टी को करीब से जानने और शहीदों के सम्मान में यह कदम उठाया.
10,000 किलोमीटर की दूरी और तीन धाम पूरे
दीपक की यह यात्रा अब तक करीब 10,000 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी है. उन्होंने अपनी साइकिल से द्वारकाधीश (गुजरात), रामेश्वरम (तमिलनाडु) और जगन्नाथ पुरी (ओडिशा) जैसे तीन प्रमुख धामों की यात्रा पूरी कर ली है. अब वे अपने अंतिम पड़ाव बद्रीनाथ धाम (उत्तराखंड) की ओर बढ़ने की तैयारी में हैं. वे रोजाना 80 से 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं. उनका लक्ष्य 15,000 किलोमीटर का सफर पूरा करना है.
दीपक अपनी इस साहसिक यात्रा को देश के तमाम शहीद सैनिकों और वायुसेना के जांबाजों जैसे विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान और विंग कमांडर सोफिया कुरैशी को समर्पित करते हैं. रास्ते में दीपक कभी मंदिरों, गुरुद्वारों तो कभी पुलिस थानों में विश्राम करते हैं. यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि भारत में हर कुछ किलोमीटर पर भले ही खान-पान और भाषा बदल जाए. लेकिन देश की सांस्कृतिक विविधता इसे एक अटूट सूत्र में बांधे हुए है. आज जब दीपक जमशेदपुर और अन्य शहरों से गुजरते हैं, तो उनकी कहानी सुनकर लोग न केवल भावुक हो जाते हैं. बल्कि उनकी हिम्मत की सराहना भी करते हैं. सचमुच दीपक शर्मा की यह यात्रा दोस्ती, देशभक्ति और अटूट संकल्प की एक प्रेरणादायक दास्तान है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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