नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर स्थित सिल्लेवाणी घाटी में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मक्के से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलता हुआ करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए, लेकिन चालक का जीवित बच जाना लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहा।
जानकारी के अनुसार ट्रक ग्राम चांद से औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव की ओर जा रहा था। उसे लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी, लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी ट्रक गंतव्य तक नहीं पहुंचा। चालक का मोबाइल फोन बंद मिलने पर ट्रक मालिक रवि बघेल को अनहोनी की आशंका हुई और तलाश शुरू की गई।
जीपीएस से मिली जानकारी, खाई में मिला ट्रक
लगातार खोजबीन के बाद ट्रक की जीपीएस लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन सामने आते ही सभी के होश उड़ गए। ट्रक सिल्लेवाणी घाटी के एक खतरनाक मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में पड़ा मिला।
30 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा चालक
हादसे के दौरान ट्रक चालक का पैर वाहन के नीचे दब गया, जिससे वह करीब 30 घंटे तक खाई में असहाय अवस्था में फंसा रहा। गंभीर चोटों के बावजूद चालक ने हिम्मत नहीं हारी और मदद का इंतजार करता रहा।
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रेस्क्यू ऑपरेशन से मिली राहत
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। दुर्गम इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद तीन से अधिक क्रेनों की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद ट्रक को भी खाई से बाहर निकाला गया।
पुलिस कर रही जांच
उमरानाला चौकी प्रभारी पारसनाथ आर्मो ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। प्रारंभिक जांच में घाटी के खतरनाक मोड़ और संभवत: वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है। इस हादसे के बाद एक बार फिर सिल्लेवाणी घाटी में सड़क सुरक्षा और आवश्यक इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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