Jabalpur News: जबलपुर नेशनल हाईवे 45 पर बने ROB की एक लेन गिरने के मामले में बड़ी कार्रवाई की जा रही है. पहली बार ब्रिज निर्माण के दौरान MPRDC में पदस्थ तत्कालीन अधिकारियों पर एक्शन लिया जा रहा है. वहीं कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है.
जबलपुर में 22 फरवरी को गिर गई थी आरओबी की एक लेन.
मेंटेनेंस (डीएलपी) की अवधि 6 फरवरी 2026 तक थी. सितंबर 2025 में ब्रिज की रिटेनिंग वॉल क्षतिग्रस्त होने के बाद कंपनी रिपेयरिंग कर रही थी, लेकिन काम पूरा न होने पर 30 जनवरी 2026 को अवधि बढ़ाकर 6 मई 2026 कर दी गई. 22 फरवरी 2026 को ब्रिज का दूसरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई हुई.
इन अधिकारियों की पेंशन रोकी जाएगी
पहली बार ब्रिज निर्माण के दौरान मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) में पदस्थ तत्कालीन अधिकारियों पर एक्शन लिया जा रहा है. तत्कालीन संभागीय प्रबंधक आरपी सिंह और आरएस चंदेल तथा सहायक प्रबंधक संतोष शर्मा को नोटिस जारी किए गए. आरपी सिंह और संतोष शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं, फिर भी उनकी पेंशन रोकने और FIR दर्ज करने की कार्रवाई हो रही है. आरएस चंदेल वर्तमान में निगम में महाप्रबंधक हैं, उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी.
कंपनी पर गंभीर आरोप
वहीं MPRDC ने शहपुरा थाने में वागड़ इंफ्रा के खिलाफ FIR दर्ज कराई. कंपनी के प्रोपराइटर विनोद जैन और ICT प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर हुकुम सिंह परमार पर ब्रिज निर्माण में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप है. FIR में उल्लेख है कि कंपनी ने MPRDC के नियमों का पालन नहीं किया और घटिया सामग्री का उपयोग किया. 22 फरवरी की शाम ब्रिज के एक लेन का हिस्सा धराशायी हो गया था. इस घटना से यातायात प्रभावित हुआ और सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अन्य कंपनियों और अधिकारियों के लिए सबक होगी. जांच जारी है, और ब्रिज की मरम्मत जल्द शुरू होगी. स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई की सराहना की है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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