जबलपुर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कई मांगों को लेकर टाउन हॉल से कलेक्ट्रेट की ओर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जबलपुर जिले में कई स्थानों पर किराए की इमारतों में अवैध रूप से स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ऐसे स्कूलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनाव भी जल्द कराने की मांग उठाई। पुलिस ने बल का प्रयोग किया सोमवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता टाउन हॉल से कलेक्ट्रेट की ओर प्रदर्शन करते हुए निकले। घंटाघर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा और स्थिति नियंत्रित की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं, वहीं भगदड़ में कई कार्यकर्ताओं के जूते-चप्पल सड़क पर छूट गए। समाजिक स्थानों से शराब दुकान हटाने की मांग कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर कई लोग सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे हैं, जिनकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा छात्रों को रेलवे और सरकारी बसों में रियायत देने, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कॉलेजों के आसपास से शराब दुकानों को हटाने की भी मांग की गई। एनएसयूआई ने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूल-कॉलेजों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में सीएसपी सोनू कुर्मी ने बताया कि कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट जाने का प्रयास कर रहे थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम को मौके पर बुलाकर बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन जब कार्यकर्ता जबरन आगे बढ़ने लगे तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 20 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
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