Atta Chakki Business: अगर आप कम लागत में एक कभी न बंद होने वाला बिजनेस खोलने का प्लान कर रहे हैं तो आंटा और मसाला पीसने वाली चक्की इसके लिए बेस्ट ऑप्सन होगी.
मिलेट्स को ‘सुपरफूड’ के रूप में पहचान मिल चुकी है. शुगर और वज़न पर नियंत्रण के लिए लोग अब गेहूं के आटे के विकल्प के रुप में इसे इस्तेमाल कर रहे हैं. जो गृह उद्योग केवल ऑर्डर पर पिसाई करते हैं उसमें आटे की शुद्धता बनी रहती है इसलिए इसे लोग अच्छे दाम पर खरीद लेते हैं. वहीं मसाले को भी तत्काल पीस कर देने पर उनकी शुद्धता और खुशबू बरकरार रहती है, इसमें प्रिजर्वेटिव्स भी नहीं रहते जिससे सेहत में कोई नुकसान भी नहीं होता.
अगर इसके सेटअप की बात करें तो इसमें बहुत ज्यादा पूंजी भी नहीं लगती इसकी शुरुआत आप मात्र 1 से दो लाख रुपए से भी कर सकते हैं. बाद में जरूरत पड़ने पर इसका विस्तार करना भी बहुत आसान है. कमर्शियल ग्राइंडर/पल्वोलाइज़र की कीमब 50 हजार से एक लाख रुपए तक होती है. मसाले पीसने के लिए दो उपकरण लाने होंगे एक जो मसले को अच्छे से पिसता है दूसरा उसे तुरंत ठंडा कर देता है. यह सभी उपकरण आपको इंदौर के सांवेर रोड पर आसानी से मिल जाते हैं. इसके अलावा आपको कमर्शियल इलेक्ट्रिक मीटर, दुकान का किराया जैसे खर्च उठाने होंगे.
मशीनों का सेटअप भी आपको मैन्युफैक्चरर खुद करके दे देते हैं. इसके बाद आपको FSSAI लाइसेस, इंदौर नगर निगम से गृह उद्योग लगाने की परमिशन, GST नंबर लेना होता है वही मध्य सूक्ष्म लघु उद्योग विभाग से गुमास्ता करना होता है. इन सभी कामों में आपको लाइसेंस की फीस लगती है जिसका खर्च 15-20 हज़ार रुपए आता है. वही थोड़ी बहुत पूंजी आपको कच्चा माल खरीदने के लिए लगेगी. इसी के साथ कम से कम ₹2 लाख में आप इस व्यापार को प्रशासनिक से शुरू कर सकते हैं. बाजार में अपनी पहचान बनाने में आपको कुछ महीने लग सकते हैं.
कहां से ले सकते हैं कच्चा माल
मिर्च, हल्दी, धनिया आदि के लिए खरगोन, खंडवा या स्थानीय कृषि मंडियों से सीधे खरीद सकते हैं इससे आपको लगा भी कम लगेगी और गुणवत्ता भीअच्छी मिलेगी. वहीं रागी और बाजरा को सीधे किसानों या विश्वसनीय थोक विक्रेताओं से खरीद सकते हैं. पैकेजिंग और मार्केटिंग पर ध्यान देकर आप अपनी पहचान और जल्दी बना सकते हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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