इंदौर के बिचौली मर्दाना के वैष्णव माता मंदिर मैदान में हुए पारंपरिक दंगल में एक से एक धुरंधर पहलवानों ने अपने दांव-पेंच आजमाए। लाल मिट्टी के अखाड़े में उतरे देशभर के नामी पहलवानों ने अपने दमदार दांव से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नगाड़ों की गूंज और दर्शकों की तालियों के बीच मुकाबले देर रात तक चलते रहे।
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<p>इस दंगल में मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए पहलवानों ने भी अपनी ताकत और दांव की तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। पार्थ पहलवान और बबलू पहलवान के बीच हुआ मुकाबला खासा रोमांचक रहा, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर कई दांव आजमाए। वहीं गोपाल शिंदे पहलवान और मोहित पहलवान की कुश्ती भी रोमांचक रही।
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मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के तत्वावधान में मिट्टी का दंगल आयोजित किया गया था। आमतौर पर इन दिनों अधिकांश कुश्तियां मैट पर होती हैं, लेकिन इस पारंपरिक आयोजन में लाल मिट्टी पर दंगल देखना दर्शकों के लिए रोमांचक रहा। मिट्टी से सने पहलवान एक-दूसरे पर दांव लगाकर चित करने में जुटे रहे थे। आयोजकों ने इस पारंपरिक आयोजन के जरिए मिट्टी की खुशबू और जड़ों से जुड़ा रोमांच पेश किया और दर्शकों को भी शानदार मुकाबले देखने के दावत दी गई।
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पचास से ज्यादा पहलवानों ने दंगल में अपने दांव आजमाए थे। पहलवानों को लाखों रुपये की पुरस्कार राशि के साथ आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। दंगल की प्रमुख कुश्ती ईरान के मिर्जा पहलवान और पंजाब के भारत केसरी पहलवान साहिल कोहली के बीच हुई।
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संघ के अध्यक्ष नारायण यादव और मान सिंह यादव ने बताया कि कुश्ती के फैसलों के लिए योग्य निर्णायकों की टीम का गठन किया गया था, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान शामिल थे। दंगल को देखने के लिए हजारों की संख्या में कुश्ती प्रेमी जुटे रहे।
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