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छठे दिन इंडिगो की करीब 650 फ्लाइट कैंसिल हुईं।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाएं रविवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकीं। एयरलाइन ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। कंपनी ने 2,300 दैनिक उड़ानों में से 1,650 संचालित करने का दावा किया है।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा- स्थिति रोज बेहतर हो रही है। 10 दिसंबर तक नेटवर्क स्थिर होने की उम्मीद है। पहले कंपनी ने 10 से 15 दिसंबर तक सामान्य होने की बात कही थी।
इंडिगो ने हालिया उड़ान संकट के दौरान ₹610 करोड़ के रिफंड प्रोसेस किए हैं। इसके साथ ही 3,000 यात्रियों का बैगेज वापस पहुंचा दिया है।
सरकार ने 1 दिन पहले ही रिफंड रविवार शाम 8 बजे तक पूरा करने और अलग हुए बैगेज 48 घंटे में यात्रियों को लौटाने का निर्देश दिया था।

कंपनी का दावा- पायलट पर्याप्त, बफर कम
इंडिगो ने कहा- मौजूदा संकट की वजह जानने के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ होगा। एक अधिकारी ने बताया, नई एफडीटीएल व्यवस्था लागू होने के चलते क्रू प्लानिंग में बफर की कमी संकट का प्रमुख कारण रही। हमारे पास पायलटों की कमी नहीं। बस अन्य एयरलाइनों जितना ‘बफर’ स्टाफ नहीं था। संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मामलों की समिति भी इंडिगो और डीजीसीए के अधिकारियों को तलब कर सकती है।
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ को 24 घंटे और दिए
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे और दे दिए। दोनों सोमवार शाम तक जवाब दे सकेंगे। कंपनी प्रबंधन ने समय बढ़ाने का आग्रह किया था।
DGCA के वे नए नियम, जिससे इंडिगो में स्टाफ की कमी हुई
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयलाइंस, खासकर इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है। वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी नहीं देने के फैसले को वापस ले लिया।
DGCA ने 1 नवंबर से पायलटों और बाकी क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ।
वहीं, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण इंडिगो के पास पायलट-क्रू मेंबर्स की कमी हो गई है।
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