मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत सलवाह चौकी क्षेत्र से जुड़े एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। दिसंबर 2025 में तबलपानी गांव के पास सड़क किनारे मिली अज्ञात युवती की लाश और उसके पास पड़े भ्रूण के मामले में पुलिस ने अवैध गर्भपात को मौत की वजह बताया है। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक झोलाछाप डॉक्टर भी शामिल है।
एक दिसंबर 2025 को पुलिस को तबलपानी गांव के पास सड़क किनारे एक युवती का शव संदिग्ध हालत में मिला था। शव से कुछ ही दूरी पर करीब चार से पांच माह का भ्रूण भी बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर होने के चलते पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की। बाद में शव की पहचान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक गांव की 27 वर्षीय युवती के रूप में हुई। जानकारी सामने आई कि युवती हाल ही में राजकोट, गुजरात से काम करके अपने गांव लौटी थी।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार युवती करीब सात माह की गर्भवती थी, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को भी नहीं थी। जांच में पता चला कि 28 नवंबर को युवती मंडला इलाज कराने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह नयागांव पहुंची, जहां उसने झोलाछाप डॉक्टर उदित पड़वार से अवैध रूप से गर्भपात कराया।
इलाज के बाद युवती की हालत लगातार बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे परसवाह गांव में सुनील पूशाम के घर ठहराया गया। जब स्थिति और गंभीर हो गई, तो सुनील पूशाम ने ऑटो चालक रोशन नरते के साथ मिलकर युवती को जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। इलाज के अभाव में युवती की मौत हो गई।
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पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए झोलाछाप डॉक्टर उदित पड़वार, सुनील पूशाम और ऑटो चालक रोशन नरते को गिरफ्तार कर लिया है। चौकी प्रभारी नीलेश पटेल ने बताया कि मामला अवैध गर्भपात और लापरवाही से मौत का है। फिलहाल जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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