हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में राज्य सरकार एक्शन मोड में है। विधानसभा में मामला उठने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पंचकूला सेक्टर-17 स्थित थाने में FIR दर्ज कर ली है। घोटाले की जा
पंचकूला सेक्टर-17 एसीबी थाना में दर्ज FIR नंबर 4 में आईडीएफसी बैंक चंडीगढ़ और ए यू स्मॉल बैंक सेक्टर-32 चंडीगढ़ के कर्मचारी और अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। केस पीसी एक्ट 316, 318, 336, 338, 340 व 61 के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल चंडीगढ़ के दोनों बैंक से रिकॉर्ड लेने में लगी है।
खुद बैंक ने किया घोटाले का खुलासा
IDFC बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में करीब 590 करोड़ रुपए की गड़बड़ी पकड़ में आई है। बैंक ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को सूचना देकर बताया कि उसके ही कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत और गलत तरीके से ये गड़बड़ी की, जिसमें बाहर के कुछ लोग शामिल है। बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया है।
पांच प्वाइंटों में जानिए अब तक क्या हुआ..
- 4 कर्मचारी सस्पेंड, फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक ने तुरंत एक्शन लेते हुए 4 संदिग्ध अधिकारियों को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है। बैंक ने कहा है कि वह दोषी कर्मचारियों और बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
- बैंक ने बुलाई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग इस गंभीर मामले को देखते हुए बैंक की ‘स्पेशल कमेटी फॉर मॉनिटरिंग फ्रॉड्स’ की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई थी। इसके बाद 21 फरवरी को बैंक के ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग हुई, जिसमें इस धोखाधड़ी की जानकारी साझा की गई।
- पैसे रिकवर करने की कोशिशें शुरू IDFC फर्स्ट बैंक ने उन बैंकों को भी ‘रिकॉल रिक्वेस्ट’ भेजी है, जिनके खातों में संदिग्ध पैसा ट्रांसफर किया गया है। बैंक ने दूसरे बैंकों से उन ‘संदिग्ध खातों’ में मौजूद बैलेंस को होल्ड करने की रिक्वेस्ट की है, ताकि पैसे की रिकवरी की जा सके। बैंक का कहना है कि नुकसान का सही आकलन जांच और रिकवरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
- सरकार का दावा, रिकवर हुए पैसे : हरियाणा विधानसभा में प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया गया है कि 590 करोड़ रुपए का रिकवर कर लिया गया है। सरकार का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- शामिल हो सकते हैं बाहर के लोग : बैंक को संदेह है कि इस फर्जीवाड़े में बैंक कर्मचारियों के साथ कुछ बाहरी लोग या इकाइयां भी शामिल हो सकती हैं। बैंक ने RBI को भी इसकी सूचना भेजी है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा ताकि इस धोखाधड़ी की सही से जांच हो सके।
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