32 हजार भवन मालिक देते हैं शहर में हाउस टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में कितने भवन मालिक हाउस टैक्स की चोरी कर रहे हैं, इसकी अगले महीने तक ड्रोन सर्वे करने वाली कंपनी को रिपोर्ट देनी होगी। नगर निगम ने एजेंसी को फरवरी तक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के बाद तीन करोड़ रुपये तक आय बढ़ने की उम्मीद है।
शहर में ड्रोन सर्वे का काम करने वाली एजेंसी के साथ नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने दोपहर सवा 12 बजे के करीब बैठक की। बैठक में एजेंसी को दो टूक कहा है कि वह सर्वे पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। शहर में नगर निगम ने एजीआई सैक एजेंसी को ड्रोन सर्वे का काम सौंपा है। यह एजेंसी शहर के 34 वार्डों में सर्वे कर रही है। निगम के अनुसार बैठक में कंपनी ने बताया है कि 26 वार्डों में सर्वे पूरा हो गया है। वहीं भराड़ी, रुल्दुभट्ठा, कैथू और अनाडेल समेत आठ वार्डों में अभी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निगम ने एजेंसी को निर्देश दिए हैं।
शहर में करीब 32 हजार भवन मालिक ऐसे हैं जोकि नगर निगम को टैक्स की अदायगी करते हैं। नगर निगम को इनसे सालाना करीब 18 से 19 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिलते हैं। इस टैक्स को निगम शहर के विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च करता है। ऐसे में निगम का दावा है कि सर्वे के बाद इसमें बढ़ोतरी होगी और सालाना 21 से 22 करोड़ रुपये निगम को टैक्स के रूप में मिलेगा।
निगम की संपत्ति का तैयार होगा ब्योरा
निगम का दावा है कि सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ी जाएगी। शहर में कितनी संपत्तियां हैं, इसका पूरा ब्योरा निगम के पास उपलब्ध होगा। अभी तक शहर में कई भवनों का क्षेत्रफल ज्यादा है, लेकिन लोग कम क्षेत्रफल दिखाकर निगम को कम टैक्स दे रहे हैं। ऐसे में इनकी टैक्स चोरी का भी पता लगेगा। इसके अलावा मर्ज एरिया वालों को भी टैक्स अदायगी को लेकर पत्र जारी किए जाएंगे।