पटना के गर्दनीबाग में 3 मार्च को एक नाबालिग लड़की अपने घर से गायब हो गई थी। इसके बाद परिजन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। सचिवालय एसडीपीओ-1 डॉ. अनु कुमारी ने कहा कि जिस शख्स को नामजद किया गया था, जांच के दौरान पता चला कि उस युवती से उसका प्रेम-प्रसंग था। जांच में पता चला कि युवक को पता चला था कि नाबालिग प्रेग्नेंट है। इसके बाद युवक ने अपनी मां के साथ मिलकर युवती का अवैध तरीके से संजीवनी अस्पताल सर्जरी करा दिया। एक नवजात बच्ची हुई। जिसे युवक और उसकी मां फेंकने चाहते थे, लेकिन संजीवनी अस्पताल की ओर से बेचने की नीयत से अपहरण करके दूसरी जगह छिपा दिया गया। इस मामले में अस्पताल के संचालक को अरेस्ट कर लिया गया है। फिलहाल इस मामले में 3 लोगों को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है।
सीएस और डीएम को लिखा लेटर एसडीपीओ ने कहा कि अस्पताल के जब वैलिड डॉक्युमेंट्स मांगे गए तो कोई डॉक्यूमेंट प्रबंधन की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल के लाइसेंस से संबंधित भी कागजात नहीं मिले। इस अस्पताल के खिलाफ पटना सिविल सर्जन और जिला दंडाधिकारी को भी पत्र लिखे गए हैं। पुलिस ने मासूम को बरामद कर लिया है और उसे CWC को दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ नाबालिग को भी बरामद कर लिया गया है। उसका बयान दर्ज हुआ है।
पुरुष डॉक्टर ने कर दी सर्जरी सर्जरी महिला डॉक्टर को करनी थी, लेकिन पुरुष डॉक्टर ने ही नियमों को ताक पर रखकर सर्जरी कर दी, जो बिल्कुल गलत है। पुलिस की ओर से डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की छानबीन जारी है।
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