अररिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमिस शाह ने एसएसबी जवानों को संबोधित करते हुए सीमांचल में घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र से घुसपैठियों को बाहर करने का मिशन जल्द शुरू किया जाएगा। घुसपैठ की वजह से क्षेत्र की डेमोग्राफी में बदलाव आया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जवानों से कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध तस्करी, नार्कोटिक्स और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी होगी। इसके लिए स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की जानी चाहिए, ताकि निचले स्तर तक तैनात जवान पूरी तरह सतर्क रहें। खुली सीमा की सुरक्षा को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया।
शाह ने कहा कि बिहार की जनता से चुनाव के दौरान घुसपैठियों को बाहर करने का वादा किया गया था और यह केवल चुनावी घोषणा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक-एक घुसपैठी की पहचान कर उसे भारत की धरती से बाहर किया जाएगा। सीमांचल क्षेत्र में इस दिशा में जल्द कार्रवाई शुरू होगी। इससे पहले शाह ने किशनगंज के पूर्व पाली स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे।
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शाह आज केंद्रीय मंत्री माछमारा हवाई पट्टी से सीमा सुरक्षा बल के हेलीकॉप्टर से अररिया के लिए निकलेंगे। अररिया में करीब छह घंटे के इस दौरे में वे सीमा चौकियों का निरीक्षण, नव निर्मित भवनों का उद्घाटन और सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठअधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे।
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