केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे के पहले दिन बुधवार शाम सीमांचल के किशनगंज पहुंचकर लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक जिला परिषद परिसर स्थित सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह सचिव तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गृह मंत्री के दौरे को लेकर जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से उनका काफिला सीधे जिला परिषद परिसर पहुंचा, जहां वरीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में सीमा क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील
उल्लेखनीय है कि किशनगंज जिले की लगभग 114 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से सटी है, जबकि भारत-बांग्लादेश सीमा यहां से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
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संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के उपरांत गृह मंत्री बिहार सरकार में उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के आवास पर रात्रि विश्राम के लिए रवाना हुए। वहां बिहार और पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं के साथ उनकी बैठक की भी जानकारी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे गुरुवार को अररिया के लिए प्रस्थान करेंगे।
किशनगंज पहुँचे गृह मंत्री
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