दरअसल, सोमवार सुबह जब छात्राएं कालेज से बाहर आ रही थी तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा तो बहस हो गई और बात धक्का मुकी तक पहुंच गई. कॉलेज की छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने साथ मारपीट की. छात्राओं ने वहां से अलग-अलग गांव में जाकर अपना बचाव किया और ग्रामीणों के साथ वापस कॉलेज में पहुंची। और गेट के बाहर धरना लगा दिया. मौके पर किसान नेता और विधायक पहुंचे और उन्होंने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कॉलेज के अध्यक्ष गिरफ्तार नहीं हुआ तो एसडीएम और एसपी ऑफिस का घेराव किया जाएगा. इस दौरान विधायक जस्सी पेटवाड़, इनेलो नेता उमेद लोहान, किसान नेता सुरेश कोथ, हरकेश, हर्ष पेटवाड़, अमित सिवाच भी लड़कियों के समर्थन में पहुंचे थे.
तीन मांगों पर बनी थी सहमति
नर्सिंग कॉलेज विवाद को लेकर देर रात प्रशासन के अधिकारियों और छात्राओं में तीनों मांगों को लेकर सहमति बन गई थी और देर रात धरने को समाप्त कर दिया गया. कॉलेज में प्रशासन ने अपना एडमिनिस्टर नियुक्त करने की बात कही थी औऱ कॉलेज के चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया. साथ ही जो छात्राएं यहां से माइग्रेशन करवाना चाहती हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. हालांकि, सोमवार को जब छात्राओं से मिलने उनके परिजन आए तो पुलिस ने पूछताछ की. इससे लड़कियों का पुलिस के प्रति गुस्सा फूट गया और बहस हो गई.
छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने हमारे साथ मारपीट की है, जिसमें काफी लड़कियों को चोट भी लगी है. छात्राएं वहां से गांव राजथल, कागसर और सुलचानी गांव की तरफ बचने के लिए घुस गई और ग्रामीणों से सहायता मांगी. ग्रामीण भी नर्सिंग छात्राओं के पक्ष में खड़े हुए और तीनों गांव के ग्रामीण और सरपंच छात्राओं के साथ कॉलेज पहुंचे और गेट पर ही धरना शुरू कर दिया.
लड़कियों ने मांग रखते हुए कहां कि उनके परिजनों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और उन्हें छोड़ा जाए. वहीं, धरने पर आकर डीएसपी देवेंद्र नैन, एसडीएम विकास यादव ने छात्राओं के परिजनों को बाद में छोड़ दिया. उधर, किसान नेता सुरेश कोथ ने मौजूद लोगों की सलाह से पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है.
दो महिला कांस्टेबलों के साथ धक्का मुक्की की-डीएसपी
नारनौंद के डीएसपी देवेंद्र नैन ने कहा कि छात्राओं की शिकायत के अनुसार केस दर्ज किया गया है. छात्राओं ने दो महिला कांस्टेबलों के साथ धक्का मुक्की और इसमें कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उन्होंने कहा कि छात्राओं पर लाठीचार्ज की बात गलत है. उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिकायत पर संचालक जगदीश गोस्वामी उनकी पत्नी और उसके बेटे अमनदीप के खिलाफ नारनौंद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. तीनों पर, यौन शोषण समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं. वहीं छात्राएं कॉलेज प्रबंधन की गिरफ्तारी को लेकर अड़ी रहीं औऱ देर शाम तक धरना जारी था.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.