मंदिर अध्यक्ष का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर थाना प्रभारी के पास पहुंचे तो थाना प्रभारी ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसी बात से नाराज होकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता थाने के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक देवी प्रतिमा को तोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती और संबंधित थाना प्रभारी को हटाया नहीं जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। देवी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना को लेकर शिकायत दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी के आचरण को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं, जिसके चलते संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश कुछ हद तक शांत हुआ। हालांकि संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
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