नूंह जिले के पुन्हाना खंड के बिसरू गांव में रविवार को एक विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। आयोजन स्थल को भगवा ध्वज और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था।इस दौरान करीब 200 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच यह यात्रा गांव की गलियों से गुजरी। महिलाओं की भागीदारी इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। सम्मेलन में भागवत प्रवक्ता सनातनी पं. घनश्याम वशिष्ठ मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदू धर्म की जीवन पद्धति अपनाने, बच्चों को संस्कारित शिक्षा देने और समाज में एकता बनाए रखने पर बल दिया। पं. घनश्याम वशिष्ठ ने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक रहकर अपने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।वक्ता लालाराम भारद्वाज ने समाज में पांच महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने की अपील की। उन्होंने हिंदुओं से जात-पात का भेदभाव त्यागकर एकजुट रहने का आह्वान किया। साथ ही, परिवार संस्था को मजबूत बनाने, पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधे लगाने, सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करने पर जोर दिया। सम्मेलन का समापन समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरूकता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।
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