रोहतांग, शिंकुला दर्रा और लाहौल की चंद्रा घाटी में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शीतलहर बढ़ गई है। वहीं, निचले इलाकों में सर्द हवाओं के साथ कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। कांगड़ा, मंडी और बिलासपुर के कई क्षेत्रों में सोमवार सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में मंगलवार से मौसम के मिजाज में बदलाव आने जा रहा है। 30 दिसंबर से दो जनवरी के बीच प्रदेश के आठ मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि मध्य और निचले पर्वतीय इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
31 दिसंबर और एक जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब हो सकता है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। नए साल की शुरुआत ठंड और बारिश-बर्फबारी के साथ होने की संभावना है। सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि शाम होते-होते फिर से ठंड बढ़ गई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से जहां पर्यटकों में उत्साह है। उधर, रविवार रात को ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 6.7, कुकुमसेरी में माइनस 4.2, कल्पा में 1.6, सोलन में 2.4, हमीरपुर में 4.4, मंडी में 4.5, ऊना में 4.8, मनाली में 5.1, कांगड़ा में 6.0, धर्मशाला में 6.4, शिमला में 8.6 और नाहन में 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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