पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2022 में गठित यह सरकार अपने गठन के दिन से ही हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि विधानसभा
इनमें 18 से 60 वर्ष की महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, एक लाख सरकारी पदों को भरना, दूध पर समर्थन मूल्य और बागवानों को राहत देने जैसे वादे शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश गारंटियां या तो अधूरी हैं या धरातल पर नजर नहीं आ रही हैं।
ठाकुर बोले- CM ने अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदर्शन किया
सांसद ठाकुर ने दावा किया कि सुक्खू सरकार ने केवल अपने मित्रों और करीबी लोगों को सुविधाएं एवं लाभ पहुंचाने में ‘प्रदर्शन’ किया है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज हो गया है, वहीं दूसरी ओर सरकार मुख्यमंत्री के मित्रों एवं मंत्रियों के लिए लग्जरी वाहनों की खरीद में व्यस्त रही।
आरडीजी (क्षेत्रीय विकास अनुदान) के विषय में ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यह अनुदान केवल हिमाचल प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि 17 राज्यों के लिए बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना कई वर्ष पूर्व ही दी जा चुकी थी। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि जब पहले से जानकारी थी तो वैकल्पिक वित्तीय योजना क्यों नहीं बनाई गई।
अनुराग बोले- सुक्खू सरकार विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं
अनुराग ठाकुर ने कहा कि उन्होंने और हिमाचल के अन्य सांसदों ने राज्य सरकार को केंद्र के वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर प्रदेश को वित्तीय संकट से उबारने हेतु संयुक्त प्रयास करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने सकारात्मक सहयोग देने के बजाय भाजपा और केंद्र सरकार पर दोषारोपण करना शुरू कर दिया।
ठाकुर ने जोर दिया कि सुक्खू सरकार की विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
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