हिमाचल प्रदेश के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की बेलज घाटी में स्थित प्रसिद्ध मां गिरड़ माता का ऐतिहासिक मंदिर शुक्रवार दोपहर बाद भीषण आग की भेंट चढ़ गया। पंचायत खुंदेल में स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र था, जो इस दुखद घटना में पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरे मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया। मंदिर के चारों ओर बर्फ जमी होने के बावजूद स्थानीय लोगों को आग बुझाने का मौका तक नहीं मिल सका। इस अग्निकांड में मंदिर के भीतर स्थापित लगभग सभी मूर्तियां जल गई हैं, हालांकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मुख्य मूर्ति नीचे गिर जाने के कारण आंशिक रूप से सुरक्षित हो सकती है। विधायक डॉ. जनक राज ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए अपूर्णी. क्षति बताया है।
धूप बत्ती से आग लगने की आशंका पंचायत के पूर्व प्रधान रत्न चंद ने बताया कि इन दिनों ‘अंदरोल’ (सर्दियों में कपाट बंद रहने की परंपरा) के कारण मंदिर बंद था। आशंका जताई जा रही है कि किसी श्रद्धालु द्वारा जलाए गए धूप-दीप से माता की चुनरी ने आग पकड़ ली होगी, जिससे यह हादसा हुआ।
मां गिरड़ माता मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है: समान शैली: भरमौर क्षेत्र के बन्नी माता मंदिर और गिरड़ माता मंदिर की वास्तुकला एक समान है और इन्हें धार्मिक मान्यताओं में बहनें माना जाता है। आस्था का केंद्र: यहाँ प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु शीश नवाने पहुँचते हैं।
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